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Women Voters पर योगी सरकार का फोकस, चुनाव से पहले क्या बीजेपी लगा रही आधी आबादी पर पूरा दांव

UP Women Financial Assistance Scheme

Women-Centric Plans: उत्तर प्रदेश में अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले योगी आदित्यनाथ सरकार महिलाओं के लिए बड़े फैसले लेने की तैयारी में है। प्रदेश में छह करोड़ से अधिक महिला मतदाता हैं, ऐसे में सरकार महिला वर्ग के लिए आर्थिक सहायता बढ़ाने और नई योजनाएं शुरू करने के विकल्पों पर विचार कर रही है। प्रस्तावित विकल्पों में महिलाओं के बैंक खातों में सीधे आर्थिक मदद, मौजूदा योजनाओं की राशि बढ़ाना और किसी नई महिला केंद्रित योजना की घोषणा शामिल है।

तीन विकल्पों पर मंथन

सूत्रों के मुताबिक, सरकार के सामने फिलहाल तीन प्रमुख विकल्प हैं। पहला, पात्र महिलाओं के खातों में सीधे आर्थिक सहायता भेजना। दूसरा, पहले से चल रही योजनाओं की आर्थिक मदद बढ़ाकर उनका दायरा विस्तृत करना और तीसरा, महिलाओं को केंद्र में रखकर नई योजना शुरू करना। किसी अंतिम निर्णय से पहले सरकार योजना से होने वाले वित्तीय भार, संभावित लाभार्थियों की संख्या और उसके प्रभाव का आकलन कर रही है। कोशिश ऐसी व्यवस्था तैयार करने की है, जिसका लाभ बड़ी संख्या में महिलाओं तक पहुंच सके।

बढ़ाई जा रही मदद

सरकार पहले ही महिलाओं से जुड़ी कई योजनाओं में बदलाव कर चुकी है। इसी साल मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया। मौजूदा वित्तीय वर्ष के बजट में महिला केंद्रित योजनाओं के लिए 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। अब अनुपूरक बजट के जरिए वृद्धावस्था, दिव्यांग और निराश्रित महिला पेंशन को बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने की तैयारी है। वर्ष 2017 में इन पेंशन योजनाओं के तहत 300 रुपये प्रतिमाह दिए जाते थे।

बेटियों पर भी जोर

कन्या सुमंगला योजना के तहत तीन लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले परिवारों की बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में अधिकतम 25 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। अब सरकार इस योजना की सहायता राशि और लाभ का दायरा बढ़ाने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। इसके अलावा मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत मुफ्त स्कूटर देने की घोषणा की गई है। इसके वितरण को लेकर भी सरकार की ओर से बड़े कार्यक्रम की तैयारी की जा रही है।

लखपति दीदी लक्ष्य

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों से तीन करोड़ महिलाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने की दिशा में भी काम चल रहा है। सरकार की योजनाओं में महिलाओं की आय बढ़ाने, स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

महिला मतदाताओं पर नजर

उत्तर प्रदेश में छह करोड़ से अधिक महिला मतदाता हैं और 2022 के विधानसभा चुनाव में महिला मतदाताओं की भूमिका महत्वपूर्ण मानी गई थी। ऐसे में आगामी चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल महिला मतदाताओं तक अपनी पहुंच मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। भाजपा सरकार की ओर से भी महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान, शिक्षा, रोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ देने वाली योजनाओं पर जोर बढ़ाने की तैयारी है।

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