Yogi Govt Vision 2047: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने भविष्य की शहरी चुनौतियों को देखते हुए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है। आवास विभाग द्वारा जारी ‘विजन-2047’ के मुताबिक, राज्य में शहरी आबादी का हिस्सा वर्तमान 22% से बढ़कर भविष्य में 40-50% तक पहुंचने का अनुमान है। इस दबाव को झेलने के लिए सरकार शहरों के बाहर-बाहर आउटर रिंग रोड का निर्माण करेगी, ताकि भारी वाहनों और लंबी दूरी के ट्रैफिक को शहर के भीतर आने से रोका जा सके। इस योजना का मुख्य उद्देश्य यातायात को सुगम बनाना और अनियंत्रित शहरीकरण को व्यवस्थित करना है। लखनऊ के शहीद पथ और किसान पथ की तर्ज पर अब राज्य के अन्य महानगरों में भी इसी तरह के बाईपास और रिंग रोड विकसित किए जाएंगे।
10 हजार किमी सड़कों का बनेगा जाल
उत्तर प्रदेश के आवास विभाग ने अगले दो दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भूमि बैंक बनाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। Yogi Govt Vision 2047 डॉक्यूमेंट के अनुसार, बढ़ती जनसंख्या के लिए हर साल लगभग 1700 लाख वर्ग मीटर क्षेत्रफल में नई आवासीय योजनाएं लाने की आवश्यकता होगी।
कनेक्टिविटी पर जोर:
प्रस्तावित योजना के तहत लगभग 10,000 किमी क्षेत्र में नई सड़कों और आउटर रिंग रोड की जरूरत को चिह्नित किया गया है। यह रिंग रोड इस तरह से डिजाइन किए जाएंगे कि वे शहर के मुख्य हिस्सों को बाहर से जोड़ सकें, जिससे यात्रियों को बिना शहर के जाम में फंसे अपने गंतव्य तक पहुंचने का वैकल्पिक मार्ग मिल सके।
इन शहरों में चल रहा है काम:
उत्तर प्रदेश के कई प्रमुख शहरों में इस विजन पर काम पहले ही शुरू हो चुका है:
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लखनऊ: 104 किमी लंबा ‘किसान पथ’ निर्माण के अंतिम चरण में है।
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कानपुर: एनएच 230 का हिस्सा जो आउटर रिंग रोड के रूप में विकसित हो रहा है, निर्माणाधीन है।
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गोरखपुर: यहाँ भी रिंग रोड का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।
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आगरा, मेरठ, प्रयागराज और वाराणसी: इन शहरों में रिंग रोड के कुछ हिस्सों का काम पूरा हो चुका है और बाकी पर प्रक्रिया जारी है।
आवासीय और व्यावसायिक सुधार:
Yogi Govt Vision 2047 केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि ‘लैंड बैंक’ बनाने पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है। विकास प्राधिकरणों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसी आवासीय योजनाएं लाएं जो सड़क नेटवर्क से अच्छी तरह जुड़ी हों। इससे न केवल रहने की जगह मिलेगी, बल्कि व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी नए केंद्र विकसित होंगे, जिससे मुख्य शहरों पर बोझ कम होगा।
