UPSC Success Stories From U P: संघ लोक सेवा आयोग यानी Union Public Service Commission की सिविल सेवा परीक्षा में इस बार उत्तर प्रदेश के कई युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। अलग-अलग जिलों के प्रतिभाशाली छात्रों ने कठिन परीक्षा पास कर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है।
इस सूची में कुछ ऐसे नाम भी हैं जिन्होंने कई प्रयासों के बाद सफलता पाई, तो कुछ ऐसे भी हैं जिन्होंने साधारण परिवार से निकलकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। खास बात यह भी है कि आजमगढ़ के एक भाई-बहन की जोड़ी ने भी इस परीक्षा में सफलता हासिल की है।
आस्था जैन ने हासिल की नौवीं रैंक
शामली जिले के कांधला कस्बे की रहने वाली Aastha Jain ने तीसरे प्रयास में यूपीएससी परीक्षा में नौवीं रैंक हासिल की है। इससे पहले वह 131वीं रैंक के साथ आईपीएस बन चुकी थीं, लेकिन उनका लक्ष्य आईएएस बनना था।
दूसरे प्रयास में उनकी रैंक 186 आई थी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और तीसरे प्रयास में शानदार सफलता हासिल की। फिलहाल वह हैदराबाद में आईपीएस की ट्रेनिंग ले रही हैं।
चाय वाले के बेटे ने रचा इतिहास
संभल जिले के चंदौसी में चाय की दुकान चलाने वाले इंद्रमोहन डुडेजा के बेटे Dev Dudeja ने 152वीं रैंक हासिल की है। उनकी इस सफलता से पूरे इलाके में खुशी का माहौल है। देव इससे पहले भी यूपीएससी परीक्षा में सफल हो चुके थे और उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा में हुआ था। इस बार उन्होंने और बेहतर रैंक हासिल कर सबको गर्व महसूस कराया।
भाई-बहन ने एक साथ पाई सफलता
आजमगढ़ जिले के शांतिपुर गांव के रहने वाले भाई-बहन Aditya Hriday Upadhyay और Ayushi Upadhyay ने भी यूपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है।
आदित्य हृदय उपाध्याय ने 154वीं रैंक हासिल की, जबकि उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक प्राप्त की। दोनों की सफलता से पूरे गांव और परिवार में खुशी का माहौल है।
कई जिलों के छात्रों ने पाई कामयाबी
इस परीक्षा में कई अन्य जिलों के छात्रों ने भी सफलता हासिल की है। अमरोहा की Surbhi Yadav ने 14वीं रैंक प्राप्त की। मुरादाबाद के Devansh Gupta ने पांचवें प्रयास में 77वीं रैंक हासिल की।
बांदा की Shambhavi Tiwari ने दूसरे प्रयास में 46वीं रैंक पाई। वहीं चंदौली के Eshitva Anand ने 50वीं रैंक हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया।
अलीगढ़ के Prateek Mudgal ने पहले ही प्रयास में 54वीं रैंक प्राप्त की। उन्नाव के Gaurav Pratap Singh को 317वीं और Aman Verma को 505वीं रैंक मिली।
कड़ी मेहनत से मिली सफलता
इन सभी युवाओं की सफलता के पीछे उनकी मेहनत, लगन और परिवार का सहयोग रहा। कई छात्रों ने बिना कोचिंग के भी यह परीक्षा पास की। कुछ उम्मीदवारों ने कई बार असफलता मिलने के बाद भी कोशिश जारी रखी और आखिरकार सफलता हासिल की। इन युवाओं की कहानियां यह बताती हैं कि अगर मेहनत और धैर्य हो, तो किसी भी कठिन लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।



