Uttar Pradesh Becoming Airport Hub: उत्तर प्रदेश को पहले एक्सप्रेस-वे प्रदेश बनाया गया और अब सरकार इसे एयरपोर्ट प्रदेश बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। हाल के बजट में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए बड़े विस्तार की संभावनाएं दिखाई गई हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर बड़े क्षेत्र में तैयार एयरपोर्ट की सुविधा मिले, ताकि लोगों को यात्रा में आसानी हो और विकास तेज़ हो।
तीन जिलों में नए एयरपोर्ट
इसी योजना के तहत ललितपुर, झांसी और लखीमपुर खीरी में नए एयरपोर्ट बनाने की घोषणा की गई है। इन एयरपोर्टों के लिए इसी साल सर्वे का काम शुरू होगा। सरकार चाहती है कि आने वाले समय में हर क्षेत्र हवाई सेवा से जुड़ सके, जिससे पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर मिलें।
लखनऊ एयरपोर्ट का विस्तार
लखनऊ के अमौसी एयरपोर्ट के विस्तार में भी सरकार सहयोग करेगी। यह एयरपोर्ट पीपीपी मॉडल पर है और यहां से यूरोप और अमेरिका की उड़ानें शुरू करने के लिए रनवे का विस्तार जरूरी है। भूमि अधिग्रहण और अन्य जरूरी कामों में राज्य सरकार एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ मिलकर तेजी से काम करेगी, ताकि अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो सकें।
अन्य एयरपोर्टों का विकास
श्रावस्ती, मुरादाबाद और अलीगढ़ एयरपोर्ट का भी विस्तार किया जाएगा। नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए बजट में 2,111 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इसमें जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के लिए 750 करोड़ रुपये का प्रावधान है। यहां रनवे की संख्या दो से बढ़ाकर पांच करने का फैसला लिया गया है। हवाई पट्टियों के निर्माण और सुधार के लिए भी 1,100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।
तेजी से बढ़ी एयरपोर्ट की संख्या
साल 2017 से पहले प्रदेश में केवल पांच एयरपोर्ट थे। इसके बाद अब तक 12 नए एयरपोर्ट बन चुके हैं। जेवर, ललितपुर, झांसी, मेरठ और लखीमपुर खीरी में नए एयरपोर्ट बनने के बाद प्रदेश में कुल एयरपोर्ट की संख्या 22 हो जाएगी। इससे पूरे उत्तर प्रदेश में बेहतर कनेक्टिविटी और विकास की नई रफ्तार देखने को मिलेगी।
