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Uttar Pradesh: सीएम योगी को मिली थी जान से मारने की धमकी, जानें कौन है धमकी देने वाली महिला?

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Uttar Pradesh: महाराष्ट्र एटीएस ने उल्हासनगर से फातिमा खान को हिरासत में लिया है। पूछताछ के दौरान पता चला कि 24 वर्षीय फातिमा ने आईटी विषय में बीएससी की डिग्री प्राप्त की है, लेकिन उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। फातिमा की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने राहत की सांस ली है।

रविवार (3 नवंबर) को यह खबर आई थी कि उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाबा सिद्दीकी जैसे अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। धमकी में कहा गया था कि यदि योगी आदित्यनाथ ने 10 दिन में इस्तीफा नहीं दिया, तो उन्हें बाबा सिद्दीकी की तरह मार दिया जाएगा।

सीएम योगी को मिली धमकी

महाराष्ट्र पुलिस को यह धमकी भरा संदेश मिला जिसके बाद तुरंत उत्तर प्रदेश पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। सीएम योगी को मिली इस धमकी ने हड़कंप मचा दिया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत इस मामले की जांच शुरू की, जिसमें महाराष्ट्र एटीएस, ठाणे पुलिस और मुंबई की वर्ली पुलिस शामिल हुईं।

एटीएस ने महिला का पता लगाया और यह पता चला कि वह ठाणे के उल्हासनगर में रहती है। जब एटीएस वहां पहुंची, तो उन्हें जानकारी मिली कि महिला मानसिक रूप से स्थिर नहीं है। नियमानुसार, उसे स्थानीय थाने लाकर पूछताछ की गई, फिर वर्ली पुलिस को इस मामले की जानकारी दी गई।

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आरोपी मानसिक रुप से बीमार

वर्ली पुलिस ने फातिमा को मुंबई ले आई। चूंकि उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है इसलिए उसे गिरफ्तार नहीं किया गया है, बल्कि उसकी मानसिक जांच कराई जाएगी। पुलिस ने उसे पकड़ने के बाद नोटिस दिया। फातिमा के पिता एक कारोबारी हैं। पुलिस के अनुसार फातिमा शिक्षित है लेकिन मानसिक रूप से स्थिर नहीं है। यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने की धमकी क्यों दी।

बाबा सिद्दीकी गोली मारकर हत्या

मुंबई में महाराष्ट्र सरकार की सहयोगी पार्टी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता बाबा जियाउद्दीन सिद्दीकी की 12 अक्टूबर को बांद्रा पूर्व के निर्मल नगर के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया। बाबा सिद्दीकी के कार्यालय के बाहर दो से तीन लोगों ने घात लगाकर हमला किया। उन्हें दो से तीन गोलियां लगीं, जिनमें से एक गोली उनके सीने में लगी। हमलावर गोली चलाकर मौके से फरार हो गए, और इसके बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने मामले की जिम्मेदारी ली थी।

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