Farmer Loan Scheme Uttar Pradesh:उत्तर प्रदेश सरकार किसानों को खेती और उससे जुड़े कामों के लिए सस्ता कर्ज उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना की शुरुआत करेंगे। इस योजना का मुख्य उद्देश्य लघु और सीमांत किसानों को कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें खेती से जुड़े खर्चों के लिए महंगे कर्ज पर निर्भर न रहना पड़े।
किसानों को सस्ता कर्ज
योजना के तहत किसानों को कृषि और उससे जुड़े विकास कार्यों के लिए 6 लाख रुपये तक का ऋण दिया जाएगा। इस ऋण पर सालाना ब्याज दर 6 प्रतिशत तय की गई है। इससे किसानों को मौजूदा ब्याज दरों की तुलना में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक से कृषि ऋण करीब 11 से 11.50 प्रतिशत सालाना ब्याज पर मिलता है। नई योजना लागू होने के बाद पात्र किसानों को यही ऋण केवल 6 प्रतिशत ब्याज पर मिल सकेगा। सरकार ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के लिए 384 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।
पांच साल में लाभ
सरकार ने योजना के लिए अगले पांच वर्षों का लक्ष्य भी तय किया है। इस अवधि में करीब 5 लाख किसानों को इसका लाभ देने की योजना है। खास बात यह है कि इसका फायदा केवल नए ऋण लेने वाले किसानों तक सीमित नहीं रहेगा।
जो किसान पहले से बैंक से कर्ज ले चुके हैं और अपनी किस्तों का समय पर भुगतान कर रहे हैं, उन्हें भी ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा। इससे नियमित रूप से कर्ज चुकाने वाले किसानों को भी राहत मिलेगी।
ऑनलाइन होगी मंजूरी
किसानों के लिए ऋण लेने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए योजना की मंजूरी ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दी जाएगी। सरकार योजना का ई-पोर्टल भी लॉन्च करेगी। इससे किसानों को आवेदन और ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम के दौरान सहकारिता विभाग का ऊर्वरक सेतु मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव डेटाबेस सेंटर का UPCDC मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा। इन डिजिटल माध्यमों का उद्देश्य सहकारिता और किसानों से जुड़ी सेवाओं को अधिक व्यवस्थित करना है।
भारत टैक्सी सेवा शुरू
इसी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भारत टैक्सी सेवा की भी शुरुआत करेंगे। इस सेवा से अब तक करीब 50 हजार टैक्सी चालक जुड़ चुके हैं। इनमें लगभग 40 हजार चालक लखनऊ से बताए गए हैं।
भारत टैक्सी सेवा को अप्रैल में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया था। इसके तहत टैक्सी चालकों को 5 लाख रुपये तक के बीमा की सुविधा मिलेगी। साथ ही, चालकों से किसी तरह का कमीशन नहीं लिया जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे टैक्सी चालकों को अपनी कमाई का अधिक हिस्सा अपने पास रखने में मदद मिलेगी।

