Major Judicial Reshuffle:लखनऊ में न्यायिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रविवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। इस बदलाव के तहत कई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों के तबादले किए गए हैं। इन अधिकारियों को अलग-अलग जिलों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, ताकि कामकाज को और सुचारू बनाया जा सके।
इन जजों का हुआ ट्रांसफर
जारी आदेश के अनुसार, दिनेश कुमार मिश्रा को आजमगढ़, राहुल मिश्रा को चित्रकूट और धीरेंद्र कुमार (द्वितीय) को हाईकोर्ट लखनऊ बेंच में रजिस्ट्रार बनाया गया है। इसके अलावा विष्णु प्रसाद अग्रवाल को बागपत और प्रभुनाथ त्रिपाठी को रमाबाईनगर भेजा गया है। इन तबादलों से कई जिलों में न्यायिक ढांचे में बदलाव देखने को मिलेगा।
अन्य जिलों में नई तैनाती
हरबंस नारायण को अंबेडकरनगर, रविंद्र कुमार द्विवेदी को कन्नौज, आशीष कुमार चौरसिया को गौतमबुद्ध नगर और श्याम मोहन जायसवाल को सुलतानपुर में नियुक्त किया गया है। वहीं नीरज कुमार उपाध्याय को प्रयागराज और मुन्ना प्रसाद को जालौन (उरई) भेजा गया है। इससे कई जिलों में नए अधिकारियों की एंट्री हुई है।
महिला अधिकारियों को भी जिम्मेदारी
इस फेरबदल में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है। अर्चना यादव को शाहजहांपुर, प्रज्ञा सिंह को भदोही (ज्ञानपुर) और ज्योत्सना सिवाच को मुजफ्फरपुर में तैनाती दी गई है। वहीं मीनाक्षी सोनकर को बस्ती भेजा गया है। इससे न्यायिक व्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी और मजबूत होती दिख रही है।
अन्य अधिकारियों के तबादले
रजनीश मोहन वर्मा को कन्नौज, सत्येंद्र सिंह को गौतमबुद्ध नगर में तैनात किया गया है। इन तबादलों का मकसद अलग-अलग जिलों में न्यायिक कामकाज को संतुलित करना और लंबित मामलों को तेजी से निपटाना है।
शासन स्तर पर भी बदलाव
सिर्फ न्यायिक अधिकारियों ही नहीं, बल्कि शासन में विशेष सचिव पद पर तैनात अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। बालकृष्ण एन रंजन को आजमगढ़, मुकेश कुमार सिंह (द्वितीय) को शाहजहांपुर और लोकेश कुमार को बिजनौर भेजा गया है। वहीं सुरजन सिंह को आगरा और अगस्त कुमार तिवारी व अभय प्रकाश नारायण को कानपुर नगर में नई जिम्मेदारी दी गई है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां
नितेंद्र कुमार को गाजियाबाद भेजा गया है। इसके अलावा जजेस ट्रेनिंग सेंटर लखनऊ से निशांत देव को शाहजहांपुर में नियुक्त किया गया है। शिक्षा श्रीवास्तव को कमर्शियल टैक्स ट्रिब्यूनल अलीगढ़ में जूडिशल मेंबर बनाया गया है, जबकि अनुराग पासवान को मुजफ्फरनगर भेजा गया है।
व्यवस्था सुधार की कोशिश
इस बड़े स्तर के तबादले का मुख्य उद्देश्य न्यायिक और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाना है। नए स्थानों पर तैनाती के बाद अधिकारियों से उम्मीद है कि वे अपने अनुभव के आधार पर कामकाज को और बेहतर बनाएंगे और लोगों को जल्दी न्याय दिलाने में मदद करेंगे।








