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Zero Powerty Scheme: यूपी के गांव का हो रहा सर्वेक्षण, जानिए क्या है योगी सरकार की जीरो पॉवर्टी योजना

Uttar Pradesh

उत्तर प्रदेश की सरकार ने 2025 तक राज्य को गरीबी से मुक्त करने का जो बड़ा लक्ष्य तय किया है, उसे पूरा करने के लिए अब सर्वेक्षण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने जीरो पावर्टी अभियान (Zero Powerty Scheme) शुरू किया है, जिसका मकसद है प्रदेश के सभी गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना और उन्हें गरीबी से उबारना। इस अभियान का हिस्सा बनने के लिए सर्वेक्षण की प्रक्रिया को पूरी तरह से एक मिशन के रूप में लिया गया है।

जीरो पावर्टी अभियान (What is Zero Powerty Scheme?)

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश के हर गरीब को सरकारी योजनाओं का फायदा दिलाना है, ताकि प्रदेश में गरीबी कम हो सके। इसके तहत सरकार ने एक बड़ा सर्वेक्षण शुरू किया है, जिसका उद्देश्य यह है कि गरीबी रेखा से नीचे (BPL) आने वाले परिवारों को सही तरीके से पहचाना जा सके। राज्य सरकार इस बात को सुनिश्चित करना चाहती है कि कोई भी गरीब परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रह जाए।

सर्वेक्षण प्रक्रिया

इस सर्वेक्षण को गांव गांव तक पहुंचाने के लिए सरकार ने पंचायत सहायक रोजगार सेवक, बीसी सखी, और स्वयं सहायता समूहों की मदद ली है। ये लोग हर गांव में जाएंगे और उन परिवारों की पहचान करेंगे जिनकी आर्थिक स्थिति खराब है। सर्वेक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि परिवार की आय कितनी है, उनका सामाजिक स्थिति क्या है, और क्या उन्हें सरकारी योजनाओं का फायदा मिल सकता है। इसी आधार पर उन परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्हें सबसे ज्यादा मदद की जरूरत है।

सरकारी योजनाओं का लाभ

सर्वेक्षण के बाद जिन परिवारों को गरीब माना जाएगा, उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाएगा। इन योजनाओं में स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, खाद्य सुरक्षा, आवास और रोजगार से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर गरीब परिवार को एक सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सभी जरूरी संसाधन मुहैया कराए जाएं।

आने वाले महीनों में तेज होगी प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश सरकार ने 2025 तक गरीबी हटाने का जो लक्ष्य रखा है, उसे पाने के लिए सर्वेक्षण प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा। सरकार इसे एक मिशन के तौर पर ले रही है, और इसमें राज्य के हर स्तर पर सरकारी कर्मचारी और स्थानीय लोग साथ मिलकर काम करेंगे। अब यह सर्वेक्षण और तेजी से होगा ताकि ज्यादा से ज्यादा गरीब परिवारों को सरकारी योजनाओं का फायदा मिल सके। इस प्रक्रिया में पंचायत सहायक रोजगार सेवक, बीसी सखी और स्वयं सहायता समूहों की मदद ली जा रही है।

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