Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश में गंगा का जलस्तर शनिवार को भी रुक-रुककर बढ़ता रहा। वाराणसी और प्रयागराज में हालात लगातार चिंताजनक बने हुए हैं। हालांकि पानी बढ़ने की रफ्तार धीमी है, लेकिन लगातार बढ़ाव के कारण तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।दोपहर से शाम तक कुछ घंटों के लिए जलस्तर स्थिर होने से लोगों को राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन शाम छह बजे के बाद फिर बढ़ाव शुरू हो गया।
वाराणसी में धीमी रफ्तार से बढ़ रहा पानी
वाराणसी में शनिवार रात 8 बजे गंगा का जलस्तर करीब 0.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की गति से बढ़ रहा था। उस समय जलस्तर चेतावनी बिंदु 70.262 मीटर से 1.062 मीटर और खतरे के निशान 71.262 मीटर से करीब दो मीटर नीचे था।
केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक, वाराणसी में गंगा का जलस्तर प्रयागराज और मिर्जापुर में नदी के रुख पर निर्भर करेगा। फिलहाल यहां पानी बढ़ने का ट्रेंड जारी है।
घाटों की सीढ़ियां डूबीं, लोगों की चिंता बढ़ी
गंगा का पानी धीरे-धीरे ऊंचाई वाले घाटों की सीढ़ियों तक पहुंच रहा है। अस्सी घाट पर ए-बनारस का मंच भी पानी में डूब गया है। पुराने अस्सी घाट की ओर भी पानी सड़क की तरफ बढ़ रहा है।
दशाश्वमेध घाट की शाम की गंगा आरती अब छत पर कराई जा रही है। घाटों पर बाढ़ देखने और सेल्फी लेने के लिए पहुंच रहे लोगों को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है।
फसलों पर भी मंडरा रहा खतरा
रोहनिया के बेटावर इलाके में बाढ़ का पानी गांव के निचले हिस्सों और कूड़ा प्लांट के आसपास पहुंचने लगा है। फिलहाल बड़ा नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन पानी एक-दो फीट और बढ़ा तो धान की फसल और सब्जियों को नुकसान पहुंच सकता है।
मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार में लंबा इंतजार
बाढ़ का असर अंतिम संस्कार पर भी पड़ा है। मणिकर्णिका घाट पर गुरुवार से छतों पर अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं। सीमित जगह के कारण एक समय में कुछ ही चिताएं जल पा रही हैं, जिससे शवयात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
हरिश्चंद्र घाट पर भी अंतिम संस्कार गलियों और सड़क पर किए जा रहे हैं।
प्रयागराज में भी गंगा का जलस्तर बढ़ा
प्रयागराज में भी गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ रहा है, हालांकि शनिवार को वृद्धि की रफ्तार धीमी रही। गंगा के बड़े हनुमान मंदिर तक पानी पहुंचने का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं की संगम क्षेत्र में भीड़ जुटी रही।
गंगा दारागंज स्थित नागवासुकि मंदिर की सीढ़ियों तक पहुंच चुकी है। लोग बढ़ते जलस्तर को देखने और बड़े हनुमान मंदिर के आसपास का नजारा कैमरे में कैद करने के लिए पहुंच रहे हैं।
शनिवार शाम 4 बजे जलस्तर
- गंगा, फाफामऊ: 81.21 मीटर
- गंगा, छतनाग: 80.43 मीटर
- यमुना, नैनी: 80.84 मीटर
प्रशासन दोनों शहरों में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। फिलहाल जलस्तर में बढ़ोतरी धीमी जरूर हुई है, लेकिन तटवर्ती इलाकों में बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है।
