Vishwakarma Shram Samman Yojana: कारीगरों को 10 लाख तक का लोन, मिलेगी फ्री ट्रेनिंग और टूलकिट, जानें पूरी जानकारी

यूपी की विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों को 6 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग, करीब 10 हजार रुपये की टूलकिट और कारोबार के लिए 10 लाख रुपये तक के रियायती लोन की सुविधा मिल सकती है।

Vishwakarma Shram Samman Yojana: उत्तर प्रदेश सरकार पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना (VSSY) चला रही है। योजना का उद्देश्य पारंपरिक हुनर से जुड़े लोगों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और बेहतर संसाधन उपलब्ध कराकर उनकी आय बढ़ाने में मदद करना है। पात्र लाभार्थियों को मुफ्त प्रशिक्षण, आधुनिक टूलकिट और कारोबार शुरू करने या विस्तार के लिए रियायती दर पर लोन की सुविधा दी जाती है।

किन कारीगरों को मिलेगा लाभ?

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का लाभ पारंपरिक शिल्प और पेशे से जुड़े कारीगरों को दिया जाता है। इसमें बढ़ई, दर्जी, नाई, कुम्हार, लोहार, मोची, राजमिस्त्री, बांस-बेंत कारीगर, धोबी, सुनार और हलवाई जैसे काम शामिल हैं। योजना के जरिए इन कारीगरों को आधुनिक उपकरण और जरूरी प्रशिक्षण देकर उनके काम को बेहतर बनाने का प्रयास किया जाता है।

6 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग

योजना के तहत पात्र कारीगरों को जिला मुख्यालय पर 6 दिन की मुफ्त ट्रेनिंग दी जाती है। यह प्रशिक्षण उद्योग विभाग की ओर से कराया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान कारीगरों के रहने और खाने का खर्च भी सरकार द्वारा वहन किया जाता है। ट्रेनिंग में पारंपरिक काम को आधुनिक तकनीक और बेहतर तरीकों से करने की जानकारी दी जाती है।

ट्रेनिंग के बाद मिलेगी टूलकिट

प्रशिक्षण पूरा करने वाले पात्र कारीगरों को उनके ट्रेड के अनुसार आधुनिक टूलकिट दी जाती है। इसकी कीमत करीब 10 हजार रुपये बताई गई है। आधुनिक उपकरण मिलने से कारीगर अपने काम को कम समय में और बेहतर तरीके से कर सकते हैं।

10 लाख रुपये तक लोन की सुविधा

कारीगर अपना कारोबार शुरू या विस्तार करना चाहते हैं तो योजना के तहत 10 हजार रुपये से लेकर 10 लाख रुपये तक के रियायती लोन की सुविधा मिल सकती है। यह ऋण उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड (UPKVIB) के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। इसका उद्देश्य कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

कौन कर सकता है आवेदन?

आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए और किसी पारंपरिक शिल्प या पेशे से जुड़ा होना जरूरी है। पिछले दो वर्षों में किसी अन्य केंद्र या राज्य सरकार की योजना से टूलकिट सहायता नहीं ली होनी चाहिए। एक परिवार से केवल एक व्यक्ति को लाभ दिया जाता है।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

इच्छुक कारीगर diupmsme.upsdc.gov.in पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले पोर्टल पर मौजूदा पात्रता, जरूरी दस्तावेज और नियमों की जानकारी जरूर जांच लें। आमतौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो और ट्रेड से संबंधित प्रमाण की जरूरत पड़ सकती है।

 

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