Vrindavan vote accident Update:कान्हा की नगरी वृंदावन में शुक्रवार का दिन उस वक्त मातम में बदल गया, जब श्रद्धालुओं से भरी एक नाव यमुना नदी में हादसे का शिकार हो गई। लोग भक्ति भाव से यमुना की लहरों का आनंद ले रहे थे, लेकिन अचानक हुए हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। इस दुर्घटना में 10 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए हैं।
पोंटून पुल से टकराकर पलटी नाव
यह हादसा केशी घाट के पास उस समय हुआ जब पर्यटकों से भरी मोटर बोट अचानक अनियंत्रित होकर पीपा पुल (पोंटून पुल) से टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि नाव तुरंत पलट गई और उसमें सवार 30 से अधिक लोग गहरे पानी में गिर गए। देखते ही देखते यमुना का शांत माहौल चीख-पुकार में बदल गया।
तेज हवा और जर्जर पुल बना हादसे की वजह
चश्मदीदों के अनुसार, उस समय यमुना नदी में तेज हवाएं चल रही थीं, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया। नाव सीधे जाकर जर्जर हालत में मौजूद पीपा पुल से टकरा गई। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि पुल की मरम्मत का काम चल रहा था, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई।
जिंदगी बचाने के लिए चली जंग
नाव पलटते ही आसपास मौजूद स्थानीय नाविक और गोताखोर तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। करीब 22 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। कई लोग सदमे में हैं और अपने परिजनों को खोज रहे हैं।
प्रशासन और राहत टीम मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए और राहत कार्य का जायजा लिया। अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, उठे सुरक्षा पर सवाल
हादसे के बाद NDRF और SDRF की टीमें भी मौके पर पहुंच गई हैं। करीब 50 से अधिक गोताखोर और बचावकर्मी लगातार सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं। प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि नाव में क्षमता से अधिक लोग तो नहीं बैठे थे और सुरक्षा नियमों की अनदेखी तो नहीं हुई। इस हादसे ने एक बार फिर जल पर्यटन की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
