YEIDA Plot Scheme 2026: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा यमुना अथॉरिटी को जमीन अधिग्रहण के लिए ₹2474 करोड़ की ब्याज मुक्त सहायता राशि जारी करने के बाद यमुना सिटी के विकास कार्यों में जबरदस्त तेजी आने वाली है। यह भारी निवेश नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक, वेयरहाउसिंग और सौर ऊर्जा जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा। इसी कड़ी में, अथॉरिटी ने सेक्टर-28 स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क (MDP) में 22 नए औद्योगिक भूखंडों की योजना पेश की है। इच्छुक उद्यमी 12 जनवरी से इन प्लॉट्स के लिए आवेदन कर सकते हैं। यह कदम न केवल क्षेत्र में औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा, बल्कि देश-विदेश की बड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आकर्षित कर रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।
जमीन अधिग्रहण में आएगी तेजी
यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) के पास फंड की उपलब्धता होने से अब सेक्टर-5, 6, 7, 10 और 11 जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में रुकी हुई जमीन खरीद की प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। सीईओ आरके सिंह के अनुसार, शासन से प्राप्त यह राशि बिना ब्याज के मिली है, जिसे औद्योगिक विकास को गति देने के लिए खर्च किया जाएगा।
विशेष रूप से सेक्टर-8डी में जमीन खरीद का काम पूरा हो चुका है, जहाँ पहली बार सौर ऊर्जा से जुड़े उपकरण बनाने वाली इकाइयां स्थापित की जाएंगी। नोएडा एयरपोर्ट से इसकी नजदीकी के कारण यह सेक्टर लॉजिस्टिक और वेयरहाउसिंग हब के रूप में भी उभरेगा।
मेडिकल डिवाइस पार्क (MDP) स्कीम का विवरण
यमुना सिटी YEIDA के सेक्टर-28 में स्थित मेडिकल डिवाइस पार्क में उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए प्राधिकरण ने 22 प्लॉट की योजना निकाली है। इन प्लॉट्स का विवरण निम्नलिखित है:
| प्लॉट का आकार (वर्ग मीटर) | प्लॉट्स की संख्या |
| 1,000 वर्ग मीटर | 11 |
| 2,100 वर्ग मीटर | 09 |
| 5,940 वर्ग मीटर | 02 |
आवेदन प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तिथियां
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आवेदन शुरू होने की तिथि: 12 जनवरी, 2026
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आवेदन की अंतिम तिथि: 11 फरवरी, 2026
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वर्तमान स्थिति: पार्क में अब तक 101 प्लॉट आवंटित किए जा चुके हैं। लगभग 7 कंपनियों में निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और एक इकाई ने उत्पादन भी शुरू कर दिया है।
भविष्य की राह
YEIDA सरकार का लक्ष्य इस क्षेत्र को देश का सबसे बड़ा इंडस्ट्रियल क्लस्टर बनाना है। सौर ऊर्जा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर पर ध्यान केंद्रित करने से न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत की आयात पर निर्भरता भी कम होगी। आने वाले महीनों में जमीन खरीद पूरी होते ही कई अन्य आवासीय और वाणिज्यिक योजनाएं भी लॉन्च होने की उम्मीद है।





