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Relief for Dependent Home Guards: दिव्यांग होमगार्डों के आश्रितों की नियुक्ति पर लगी रोक हटी, सैकड़ों परिवारों को मिली राहत

Home Guards

Yogi Govt’s Relief for Dependent Home Guards: दिव्यांग होमगार्डों के परिवारों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा कदम उठाया है। उनके निर्देश पर Home Guards विभाग ने आश्रितों  की नियुक्ति पर लगी रोक को हटाने का फैसला किया है। इस निर्णय से उन सैकड़ों परिवारों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से इस नीति के बदलाव की प्रतीक्षा कर रहे थे। अब नियुक्ति प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। यह प्रक्रिया चार चरणों में पूरी होगी, जिसमें जिला स्तर से लेकर डीजी होमगार्ड मुख्यालय तक सिफारिशें और जांच शामिल होंगी। इस पहल के तहत स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को भी बढ़ाया गया है, जिससे पात्रता का सही आकलन सुनिश्चित हो सके।

नई व्यवस्था में चार चरणों की प्रक्रिया

सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए चार चरणों की व्यवस्था लागू की है।

  1. आवेदन जांच: जिला स्तर पर सीएमओ समिति द्वारा पात्रता की जांच होगी।
  2. जिला समिति की संस्तुति: पात्र आवेदन को जिला कमांडेंट द्वारा डीजी होमगार्ड कार्यालय भेजा जाएगा।
  3. मुख्यालय स्तर की जांच: चिकित्सा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की समिति सभी तथ्यों की जांच करेगी।
  4. अंतिम निर्णय: डीजी होमगार्ड समिति की सिफारिश पर अंतिम नियुक्ति का निर्णय लिया जाएगा।

पुराने मामलों को प्राथमिकता

सरकार के इस फैसले के बाद अब पुराने लंबित मामलों को भी प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाएगा। 2022 में अपात्र उम्मीदवारों की भर्ती और अनुग्रह राशि के दुरुपयोग के मामले सामने आए थे, जिसने सरकार को इस नीति पर पुनर्विचार के लिए मजबूर किया। हालांकि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे सुधार का अवसर मानते हुए नई प्रक्रिया तैयार करवाई।

स्वास्थ्य विभाग की भूमिका बढ़ी

नई व्यवस्था में स्वास्थ्य विभाग की भूमिका को मजबूत किया गया है। चिकित्सा जांच में प्रतिष्ठित संस्थानों को शामिल किया गया है, ताकि पात्रता का सही आकलन हो सके। हर स्तर पर सत्यापन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार समितियों को भी सख्त दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

परिवारों में खुशी

सरकार के इस फैसले से दिव्यांग हो चुके Home Guards जवानों के परिवारों ने खुशी जाहिर की है। अब निष्पक्ष प्रक्रिया के तहत उन्हें राहत मिलने की उम्मीद जगी है। लंबे समय से लटके मामलों के समाधान का रास्ता खुलने से यह कदम सैकड़ों परिवारों के लिए नई शुरुआत लेकर आएगा।

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