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UP Mockdrill : हमले से बचने की रिहर्सल शुरू, चित्रकूट में हुआ धमाका तो बिजनौर में जमीन पर लेटे लोग…

UP Mockdrill : बुधवार को युद्ध जैसी स्थिति में हवाई हमले से बचाव के लिए बिजनौर में मॉक ड्रिल की गई। सुबह 11 बजे अचानक इमरजेंसी सायरन बज उठे, जिसे सुनते ही लोग ज़मीन या सुरक्षित स्थानों में जाकर छिप गए। इसी तरह बढ़ते तनाव के बीच चित्रकूट जिला मुख्यालय स्थित चित्रकूट इंटर कॉलेज, कर्वी में भी मॉक ड्रिल अभ्यास कराया गया। और वाराणसी में भी पुलिस लाइन में आयोजित मॉक ड्रिल में लोगों को एयर अटैक से बचने की ट्रेनिंग दी गई। हमले के बाद सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया गया।

चित्रकूट में बजा मॉकड्रिल का सायरन

बुधवार सुबह चित्रकूट के सीआईसी मैदान में पाकिस्तान से संभावित हवाई हमले की आशंका को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा एक मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में सुरक्षा एजेंसियों के साथ-साथ सेना के पूर्व अधिकारी भी उपस्थित रहे। इसका उद्देश्य आपदा की स्थिति में प्रशासनिक तैयारी की जांच करना और आम जनता को सतर्क करना था।

UP Mockdrill

सुबह ठीक 9 बजे जैसे ही हवाई हमले का सायरन बजा, मौके पर मौजूद एसपी अरुण कुमार सिंह, एडीएम (वित्त एवं राजस्व) उमेशचंद्र निगम और एएसपी चक्रपाणि त्रिपाठी की निगरानी में पूरा इलाका हलचल से भर गया। लोग तुरंत सतर्क होकर झुकते हुए सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। वहीं, अभ्यास के तहत फाइटर जेट्स ने बम गिराने की स्थिति को भी प्रदर्शित किया।

बिजनौर में मॉकड्रिल

युद्ध जैसी आपात स्थिति में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने और प्रशासन की तत्परता को परखने के उद्देश्य से बुधवार को बिजनौर में एक व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की गई। सुबह 11 बजे पूरे शहर में अचानक इमरजेंसी सायरन गूंज उठा, जिससे पूरे क्षेत्र में अलर्ट की स्थिति बन गई। सायरन बजते ही लोग सतर्क हो गए और सुरक्षा दिशा-निर्देशों के अनुसार तुरंत जमीन पर झुककर अथवा सुरक्षित स्थानों की ओर दौड़कर शरण ली। इस अभ्यास का उद्देश्य लोगों को हवाई हमले की स्थिति में तत्काल प्रतिक्रिया देना सिखाना था।

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हाल ही में पाकिस्तान पर हुए हमले के बाद उत्तर प्रदेश में जारी रेड अलर्ट के तहत यह मॉकड्रिल बिजनौर में पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई। शहर के प्रमुख स्थानों जैसे—एसआरएस मॉल परिसर, एथेनॉल और चीनी मिल, रिफाइनरी, बस अड्डा, रेलवे स्टेशन, थाना परिसर, स्कूल और कॉलेजों में यह अभ्यास कराया गया। मॉकड्रिल के दौरान डीएम, एसपी सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूर्व सैनिकों, एनसीसी कैडेट्स और पुलिस के जवानों ने मिलकर आपात स्थिति में राहत, बचाव और नियंत्रण की रणनीतियों का अभ्यास किया।

एयर स्ट्राइक के बाद वाराणसी में मॉकड्रिल

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक की है। इसके बाद गृह मंत्रालय के निर्देश पर वाराणसी में सुरक्षा के लिहाज से मॉकड्रिल की जा रही है। पुलिस लाइन में हुई इस मॉकड्रिल में लोगों को हवाई हमले जैसी स्थिति से कैसे बचा जाए, इसकी ट्रेनिंग दी गई। हमले के बाद सायरन बजाकर लोगों को सतर्क किया गया। साथ ही, आग लगने पर उसे बुझाने के तरीकों की जानकारी भी दी गई।

 

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मॉकड्रिल में क्या हुआ?

मॉकड्रिल के दौरान भगदड़ की स्थिति का अभ्यास किया गया। NDRF (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) को सूचना दी गई कि एक इलाके में भगदड़ मच गई है और कई लोग घायल हैं। टीम तुरंत मौके पर पहुँची और घायलों को सुरक्षित निकालकर मेडिकल पोस्ट तक पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें एंबुलेंस से डीडीयू अस्पताल भेजा गया। इस अभ्यास का मकसद यह दिखाना था कि आपातकाल की किसी भी परिस्थिति में कैसे सुरक्षित रहा जाए और तुरंत कैसे प्रतिक्रिया दी जाए।

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