Vande Bharat Controversy: हावड़ा से गया जाने वाली 22303 वंदे भारत एक्सप्रेस से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में धनबाद डीआरएम कार्यालय के ऑपरेटिंग विभाग में कार्यरत ट्रैफिक इंस्पेक्टर (TI) उपेंद्र यादव अपनी पत्नी के साथ ट्रेन के ड्राइवर केबिन में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उनकी पत्नी भोजपुरी गाने ‘हम हईं बाती तो बलम जी तू त दियवा बाड़ा…’ पर अलग-अलग अंदाज में रील शूट करती नजर आती हैं, जबकि ट्रैफिक इंस्पेक्टर मुस्कुराते हुए दिखाई देते हैं। इसी वीडियो ने रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर उठे सवाल
यह वीडियो एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर यूजर प्रेम भारद्वाज द्वारा साझा किया गया। पोस्ट में दावा किया गया कि ड्राइवर केबिन जैसी संवेदनशील जगह पर परिवार के सदस्यों की मौजूदगी गंभीर सुरक्षा चूक है। पोस्ट में रेल मंत्रालय और संबंधित अधिकारियों को टैग करते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की गई। यूजर ने यह भी आरोप लगाया कि वीडियो में महिला के अलावा अन्य लोग भी इंजन के अंदर दिखाई दे रहे हैं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठते हैं।
रेलवे प्रशासन हरकत में आया
वीडियो वायरल होने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। सोशल मीडिया पर बढ़ते विरोध और सवालों के बीच धनबाद रेल मंडल के अधिकारियों ने पूरे मामले का संज्ञान लिया। रेलवे प्रशासन ने विभागीय जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि ड्राइवर केबिन में अनधिकृत लोगों का प्रवेश कैसे हुआ और क्या रेलवे के सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया गया।
दोषी पाए जाने पर होगी कार्रवाई
रेलवे अधिकारियों के अनुसार यदि जांच में किसी कर्मचारी की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो संबंधित रेलकर्मी के खिलाफ कड़ी विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। रेलवे का कहना है कि चालक केबिन एक अत्यंत संवेदनशील क्षेत्र होता है और वहां केवल अधिकृत कर्मचारियों को ही प्रवेश की अनुमति होती है। ऐसे मामलों में सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा नियमों पर फिर बहस
इस घटना के सामने आने के बाद ट्रेनों में सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने सवाल उठाए हैं कि यदि चालक केबिन जैसे प्रतिबंधित स्थान पर अनधिकृत प्रवेश संभव है तो भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए और सख्त निगरानी की आवश्यकता है। अब सभी की नजर रेलवे की जांच रिपोर्ट और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
