Gurugram: गुरुग्राम में जिला प्रशासन और पुलिस ने सोमवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर-63 में करीब आधा एकड़ सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराया। अधिकारियों के अनुसार, इस जमीन की बाजार कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये बताई जा रही है। लंबे समय से इस जमीन पर अवैध कब्जा किया गया था।
किसने किया था कब्जा
जानकारी के मुताबिक, कादरपुर गांव का रहने वाला नितेश उर्फ बंदर नाम का आरोपी इस जमीन पर गैरकानूनी तरीके से काबिज था। उसने यहां करीब 50 झुग्गियां बना रखी थीं। इतना ही नहीं, उसने कई बोरवेल भी खुदवा दिए थे और लोगों को किराये पर देकर उनसे पैसे वसूल रहा था।
अवैध गतिविधियों का बना अड्डा
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह जगह धीरे-धीरे अवैध कामों का केंद्र बन गई थी। यहां दो कबाड़ के गोदाम भी चल रहे थे। आरोप है कि बोरवेल के जरिए इलाके में पानी की गैरकानूनी सप्लाई की जा रही थी। आरोपी का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, जिसमें मारपीट, झपटमारी, अपहरण और रंगदारी जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
सुरक्षा के बीच हुई कार्रवाई
इस पूरे अभियान को शांतिपूर्वक पूरा करने के लिए प्रशासन ने पहले इलाके को चिन्हित किया। इसके बाद गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम बनाई गई। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 100 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था।
कई विभागों ने मिलकर किया काम
अधिकारियों के अनुसार, इस कार्रवाई में GMDA की एनफोर्समेंट टीम, नगर निगम गुरुग्राम (MCG), सीआईए सेक्टर-31 यूनिट और सेक्टर-65 थाना पुलिस ने मिलकर काम किया। कार्रवाई से पहले GMDA के डीटीपी (एनफोर्समेंट) आर.एस. बाथ ने दो बार मौके का निरीक्षण किया था। इसके बाद पूरी योजना बनाकर इस अभियान को अंजाम दिया गया।
अवैध कब्जों पर सख्ती का संकेत
प्रशासन की इस कार्रवाई को अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि आगे भी इस तरह के कब्जों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जाएगा, ताकि सरकारी जमीन का गलत इस्तेमाल रोका जा सके।
स्थानीय लोगों में चर्चा
इस कार्रवाई के बाद इलाके में काफी चर्चा है। स्थानीय लोग इसे प्रशासन की बड़ी सफलता मान रहे हैं। साथ ही उम्मीद जताई जा रही है कि अब इलाके में अवैध गतिविधियों पर लगाम लगेगी और व्यवस्था बेहतर होगी।








