Gold Silver Price Crash: अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी के कारण घरेलू बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर शुक्रवार के कारोबार में सोना और चांदी दोनों दबाव में रहे। कीमतों में आई इस गिरावट ने निवेशकों और खरीदारों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
सोने की कीमत में 4 हजार रुपये से ज्यादा की कमी
एमसीएक्स पर अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोना कारोबार के दौरान करीब 2.55 प्रतिशत तक कमजोर हो गया। इसके चलते सोने के दाम में 4,000 रुपये से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार बंद होने के समय सोना लगभग 1,55,471 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। यह गिरावट हाल के दिनों में दर्ज हुई बड़ी गिरावटों में से एक मानी जा रही है।
चांदी में आई भारी गिरावट
सोने की तुलना में चांदी में और भी ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी में करीब 5.62 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।।इस दौरान चांदी के दाम लगभग 14,891 रुपये प्रति किलोग्राम तक नीचे आ गए। कारोबार के दौरान इसकी कीमत करीब 2,49,905 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गई। इतनी बड़ी गिरावट ने बाजार में हलचल बढ़ा दी है।
सर्राफा बाजार में भी नरमी
दिल्ली सर्राफा बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमी दर्ज की गई। शुद्ध सोने की कीमत करीब 400 रुपये घटकर 1,59,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई।।वहीं चांदी की कीमत में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट दर्ज की गई। चांदी करीब 5,000 रुपये सस्ती होकर 2,60,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। इससे पहले यह 2,65,700 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुई थी।
वैश्विक बाजार का असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला। वैश्विक बाजार में सोने की कीमतों में हल्की कमजोरी रही, जबकि चांदी एक प्रतिशत से अधिक टूट गई। विशेषज्ञों का कहना है कि दुनिया भर के बाजारों में चल रही आर्थिक गतिविधियों और निवेशकों की रणनीति का असर सीधे तौर पर सोने और चांदी की कीमतों पर पड़ रहा है।
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ?
बाजार जानकारों के अनुसार, निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली, डॉलर से जुड़े संकेत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी की वजह से सोना और चांदी दोनों दबाव में हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में भी वैश्विक संकेतों के आधार पर कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। ऐसे में निवेशकों और खरीदारों को बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
