Tax News: देश की सबसे बड़ी टैक्सपेयर कंपनी कौन? आंकड़े देखकर आप भी चौंक जाएंगे

भारत में कॉरपोरेट टैक्स देने वाली कंपनियों में रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे आगे है। इसके बाद SBI, ONGC, HDFC Bank और ICICI Bank का नंबर आता है। ऑयल-गैस, बैंकिंग और आईटी सेक्टर का दबदबा है।

Corporate Tax: टैक्स यानी कर सरकार की आय का एक बड़ा जरिया है। आम लोगों से उनकी कमाई के हिसाब से इनकम टैक्स लिया जाता है, जबकि कंपनियां अपने कारोबार और मुनाफे के आधार पर कॉरपोरेट टैक्स का भुगतान करती हैं। आपने कई बार सुना होगा कि कोई सेलिब्रिटी करोड़ों रुपये का इनकम टैक्स जमा करता है, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में सबसे ज्यादा कॉरपोरेट टैक्स कौन-सी कंपनी देती है? उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस मामले में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड सबसे आगे है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 यानी FY26 में कॉरपोरेट टैक्स के रूप में 42,387 करोड़ रुपये का भुगतान किया है।

SBI दूसरे और ONGC तीसरे स्थान पर

कॉरपोरेट टैक्स देने के मामले में देश की सबसे बड़ी सरकारी बैंकिंग संस्थाओं में शामिल स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI दूसरे स्थान पर है। बैंक ने FY26 में 30,729.2 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट टैक्स चुकाया है। इसके बाद सरकारी ऊर्जा कंपनी ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड यानी ONGC का नंबर आता है। कंपनी ने सरकार को 26,198.57 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट टैक्स दिया है। इससे साफ है कि बैंकिंग और एनर्जी सेक्टर की बड़ी कंपनियां सरकारी राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

HDFC और ICICI Bank भी टॉप कंपनियों में शामिल

इस सूची में निजी बैंकिंग क्षेत्र की दो बड़ी कंपनियां भी शामिल हैं। HDFC Bank ने 26,115.48 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट टैक्स जमा किया है और वह चौथे स्थान पर है। वहीं, ICICI Bank 23,112.48 करोड़ रुपये के टैक्स भुगतान के साथ पांचवें नंबर पर है। इसके बाद भारती एयरटेल ने 18,477.5 करोड़ रुपये, बजाज फिनसर्व ने 17,082.18 करोड़ रुपये और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड ने 16,948.73 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट टैक्स भुगतान किया है।

TCS भी टैक्स देने वाली बड़ी कंपनियों में शामिल

देश की दिग्गज आईटी कंपनियों में शामिल टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज यानी TCS भी इस सूची में अपनी जगह बनाए हुए है। कंपनी ने 16,277 करोड़ रुपये का कॉरपोरेट टैक्स चुकाया है। उपलब्ध आंकड़ों का स्रोत Tickertape.in बताया गया है। इन आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के कॉरपोरेट टैक्स संग्रह में तेल और गैस, एनर्जी, बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं, टेलीकॉम और आईटी सेक्टर की बड़ी कंपनियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।

मार्केट वैल्यू और टैक्स भुगतान दोनों में रिलायंस आगे

खास बात यह है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज न केवल भारत की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल है, बल्कि कॉरपोरेट टैक्स देने के मामले में भी पहले स्थान पर है। कंपनी कई वर्षों से सरकार को बड़े स्तर पर कॉरपोरेट टैक्स का भुगतान करती आ रही है। हालांकि, समय के साथ टैक्स योगदान देने वाली कंपनियों के क्षेत्र में बदलाव देखने को मिला है। एक दौर में मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां कॉरपोरेट टैक्स भुगतान में सबसे आगे रहती थीं, लेकिन अब बैंकिंग और आईटी सेक्टर की कंपनियां भी बड़ी भूमिका निभा रही हैं। इसके बावजूद ऑयल और गैस सेक्टर की दिग्गज कंपनियां अभी भी टैक्स भुगतान के मामले में मजबूत स्थिति में बनी हुई हैं।

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