Stock market के सामने कई बड़ी चुनौतियां, क्यों अगले 5 दिन बेहद अहम,कौन से मुद्दे बाजार की दिशा तय करेंगे

आने वाले पांच कारोबारी दिन शेयर बाजार के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। भू-राजनीतिक तनाव, महंगाई के आंकड़े, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे बाजार की दिशा तय करेंगे।

Indian Stock Market: भारतीय शेयर बाजार के लिए आने वाले पांच कारोबारी दिन काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान बाजार पर कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कारणों का असर देखने को मिल सकता है। भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें, महंगाई के आंकड़े और विदेशी निवेशकों का रुख बाजार की दिशा तय करेंगे।

एक बाजार के जानकार ने कहा कि बाजार की चाल मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय हालात और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। इसके अलावा कंपनियों के चौथी तिमाही के नतीजे भी बाजार में उतार-चढ़ाव ला सकते हैं।

अमेरिका-ईरान तनाव पर टिकी नजर

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक इस समय निवेशकों की सबसे ज्यादा नजर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर है। अगर दोनों देशों के बीच हालात और बिगड़ते हैं, तो इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है। बाजार फिलहाल भू-राजनीतिक घटनाओं को लेकर काफी संवेदनशील बना हुआ है। अगर कच्चे तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से नीचे रहती हैं, तो बाजार को राहत मिल सकती है। लेकिन तेल महंगा होने पर सेंसेक्स और निफ्टी पर दबाव बढ़ सकता है।

महंगाई के आंकड़ों से तय होगी दिशा

इस हफ्ते भारत और अमेरिका दोनों देशों में महंगाई यानी CPI के आंकड़े जारी किए जाएंगे। इन आंकड़ों का असर सीधे शेयर बाजार और ब्याज दरों पर पड़ सकता है। Motilal Oswal Financial Services के सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि भारत के महंगाई आंकड़े रिजर्व बैंक की आगे की ब्याज दर नीति का संकेत देंगे। वहीं अमेरिका के CPI और PPI आंकड़े यह तय करने में मदद करेंगे कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कब शुरू कर सकता है।

अगर महंगाई उम्मीद से ज्यादा बढ़ी हुई दिखाई देती है, तो बाजार में गिरावट का दबाव बढ़ सकता है। वहीं कम महंगाई के आंकड़े निवेशकों को राहत दे सकते हैं।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली चिंता का कारण

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPI का लगातार पैसा निकालना भी बाजार के लिए चिंता बढ़ा रहा है। इस महीने अब तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से करीब 14,231 करोड़ रुपये निकाल लिए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह बिकवाली आगे भी जारी रहती है, तो बाजार पर दबाव बना रह सकता है। विदेशी निवेशकों की खरीद और बिक्री का असर सीधे सेंसेक्स और निफ्टी की चाल पर दिखाई देता है।

बड़ी कंपनियों के नतीजों पर रहेगी नजर

इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करने वाली हैं। इनमें Bharti Airtel, Tata Power, Canara Bank, DLF, HPCL और JSW Steel जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं। इन कंपनियों के नतीजों का असर उनके शेयरों के साथ-साथ पूरे सेक्टर और बाजार की दिशा पर भी पड़ सकता है। इसके अलावा निवेशकों की नजर रुपये और डॉलर इंडेक्स की चाल पर भी बनी रहेगी।

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