White Line Society Controversy: मुंबई के घाटकोपर इलाके की एक हाउसिंग सोसायटी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। यहां फर्श पर बनाई गई एक साधारण सफेद लाइन को लेकर निवासियों के बीच मतभेद सामने आए हैं। मामला इतना बढ़ गया कि अब यह चर्चा सोशल मीडिया तक पहुंच गई है।
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, घाटकोपर स्थित कैलाश एवेन्यू सोसायटी में रहने वाले एक जैन परिवार की ओर से सोसायटी के फर्श पर सफेद रंग की एक लाइन बनवाई गई। बताया गया कि यह लाइन जैन मुनियों के आने-जाने और भिक्षा ग्रहण करने की परंपरा को ध्यान में रखते हुए बनाई गई थी।
क्यों बनाई गई यह लाइन?
सोसायटी में रहने वाली भूमि संघवी नाम की महिला का कहना है कि उन्होंने यह काम सोसायटी प्रबंधन की अनुमति लेने के बाद करवाया था। उनके मुताबिक, जैन मुनि घर-घर जाकर भिक्षा ग्रहण करते हैं और चलते समय जीव-जंतुओं या काई पर पैर न पड़े, इसलिए यह निशान बनाया गया था। उनका कहना है कि इसका उद्देश्य केवल धार्मिक परंपरा का पालन करना था, किसी को असुविधा पहुंचाना नहीं।
कुछ लोगों ने जताई आपत्ति
हालांकि, सोसायटी के कुछ निवासियों ने इस लाइन पर आपत्ति जताई है। उनका तर्क है कि सोसायटी की साझा जगह सभी लोगों के लिए समान होती है और वहां किसी एक धर्म से जुड़ा स्थायी निशान नहीं होना चाहिए। उनका मानना है कि यदि एक धार्मिक परंपरा के लिए सार्वजनिक स्थान का उपयोग किया जाएगा, तो भविष्य में अन्य लोग भी इसी तरह की मांग कर सकते हैं।
जैन परिवार ने क्या कहा?
विवाद बढ़ने के बाद जैन परिवार ने अपनी प्रतिक्रिया भी दी। उनका कहना है कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि एक छोटी सी लाइन से किसी को इतनी परेशानी क्यों हो रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि इससे किसी निवासी को गंभीर दिक्कत हो रही है, तो वे इसे हटाने के लिए भी तैयार हैं।
सोसायटी कमेटी को भेजा गया पत्र
मामले को लेकर एक निवासी ने सोसायटी प्रबंधन को लिखित शिकायत भी दी है। शिकायत में मांग की गई है कि साझा परिसर में बनाई गई इस धार्मिक पहचान को हटाया जाए। फिलहाल जानकारी के अनुसार, यह सफेद लाइन अभी भी अपनी जगह पर बनी हुई है और मामले पर चर्चा जारी है।
सोशल मीडिया पर भी बंटी राय
इस विवाद को लेकर सोशल मीडिया पर भी लोगों की राय अलग-अलग है। कुछ लोग इसे सामान्य और छोटी बात बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों को पूरी तरह तटस्थ और सभी के लिए समान रखना चाहिए। फिलहाल एक साधारण सफेद लाइन ने सोसायटी के भीतर मतभेद की एक नई रेखा खींच दी है।
