Mumbai Students Protest : ग्लैमर की दुनिया से बगावत के रास्ते तक, चलती पुलिस वैन के सामने खड़ी हुई, जानिए कौन हैं वायरल ‘मिस्ट्री गर्ल’

मुंबई में CJP समर्थित छात्रों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस वैन के सामने खड़ी महिला का वीडियो वायरल हुआ। रिया यादव बताई जा रही महिला की पहचान और भूमिका चर्चा में है, जबकि पुलिस ने कई FIR दर्ज की हैं।

Mumbai Protest : मुंबई में भारी बारिश के बीच छात्रों का प्रदर्शन बुधवार को अचानक चर्चा में आ गया। दादर स्थित शिवाजी पार्क के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जुटे थे। यह प्रदर्शन कथित परीक्षा घोटाले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर किया जा रहा था। प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने कार्रवाई की और कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस वाहनों में ले जाने की कोशिश की। इसी दौरान सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच लिया। वीडियो में एक महिला कथित तौर पर पुलिस वैन के सामने खड़ी दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि उसने वाहन के रास्ते से हटने से इनकार कर दिया। पुलिस वाहन का हॉर्न बजने के बावजूद महिला अपनी जगह पर खड़ी रही। इस घटना के बाद प्रदर्शनकारियों की भीड़ में नारेबाजी तेज होने का दावा किया गया। हालांकि, हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई और इस महिला की वजह से प्रशासन के निर्णय में बदलाव को लेकर किए जा रहे दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी स्पष्ट नहीं है।

वायरल हुई रिया

वीडियो सामने आने के बाद महिला की पहचान रिया यादव के रूप में बताई जा रही है। मीडिया से बातचीत में रिया ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि अगर पुलिस अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाती है, तो नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी खुद उठानी होगी। उन्होंने खुद को छात्रा नहीं बताते हुए कहा कि वह अन्याय के खिलाफ छात्रों के साथ खड़ी हैं। रिया ने दिल्ली में CJP समर्थकों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई का भी जिक्र किया और कहा कि वहां कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल ने उन्हें प्रदर्शन के समर्थन में आने के लिए प्रेरित किया। उनके बयान और पुलिस वैन के सामने खड़े होने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया। इसके बाद बड़ी संख्या में लोग रिया यादव के बारे में जानकारी तलाशने लगे और उनकी पहचान को लेकर चर्चा शुरू हो गई।

कौन हैं रिया यादव

सोशल मीडिया पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, रिया यादव खुद को एक्ट्रेस, मॉडल और एंटरप्रेन्योर बताती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके करीब एक लाख फॉलोअर्स होने का दावा किया जा रहा है। वह ग्लैमर और फैशन से जुड़े कामों के साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं। रिपोर्ट्स में उन्हें हाल ही में रिलीज हुए ‘दिलबारा’ नामक वीडियो सॉन्ग से भी जोड़ा गया है। इसके अलावा, रिया ‘रियासत’ नाम के एथनिक फैशन ब्रांड से भी जुड़ी बताई जाती हैं, जहां हाथ से बने पारंपरिक परिधानों पर काम किया जाता है। हालांकि, उनके पेशेवर प्रोफाइल और प्रदर्शन के दौरान उनकी भूमिका से जुड़ी सभी जानकारियों की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है। फिलहाल, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने उन्हें इस पूरे प्रदर्शन से जुड़ा सबसे चर्चित चेहरा बना दिया है।

मुंबई में बढ़ा तनाव

मुंबई में हुए इन प्रदर्शनों को लेकर पुलिस ने भी सख्त रुख अपनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, शिवाजी पार्क, चैत्यभूमि और चेंबूर समेत अलग-अलग स्थानों पर हुए प्रदर्शन के संबंध में पुलिस ने कई मामले दर्ज किए हैं। बताया गया है कि 18 जुलाई से 22 जुलाई के बीच निषेधाज्ञा का उल्लंघन और गैरकानूनी तरीके से भीड़ जुटाने के आरोप में 13 FIR दर्ज की गई हैं और 400 से अधिक लोगों को आरोपी बनाया गया है। इस बीच सोशल मीडिया पर रिया यादव को लेकर भी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोगों ने उनके विरोध प्रदर्शन के तरीके की तारीफ की, जबकि दूसरी ओर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। ऐसे में मुंबई में छात्र आंदोलन और पुलिस के बीच तनाव बढ़ने की आशंका बनी हुई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है और प्रदर्शनकारी अपनी रणनीति किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

आगे क्या होगा

मुंबई में प्रदर्शन को लेकर सामने आई घटनाओं ने एक बार फिर सोशल मीडिया, विरोध प्रदर्शन और कानून-व्यवस्था के बीच संतुलन पर बहस छेड़ दी है। रिया यादव का वीडियो वायरल होने के बाद उन्हें कुछ लोगों ने ‘हीरो’ बताया, जबकि पुलिस कार्रवाई और प्रदर्शनकारियों के व्यवहार को लेकर भी अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। किसी भी पक्ष के दावे को अंतिम सत्य मानने से पहले आधिकारिक जांच और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर तथ्यों की पुष्टि जरूरी होगी। फिलहाल, यह मामला केवल एक वायरल वीडियो तक सीमित नहीं रह गया है। कथित परीक्षा घोटाले की जांच, छात्रों की मांग, प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और मुंबई में दर्ज FIR—इन सभी मुद्दों के बीच आंदोलन का अगला रुख बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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