Karnataka political News: कर्नाटक में सियासी हलचल हुई तेज, जानिए क्यों मंत्री बी. नागेंद्र ने की इस्तीफे की पेशकश

कर्नाटक में महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े करीब 89 करोड़ रुपये के कथित घोटाले को लेकर सियासी विवाद बढ़ गया है। विपक्षी बीजेपी और जेडीएस के लगातार विरोध और मंत्री पद से हटाने की मांग के बीच योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने इस्तीफे की पेशकश की है। विधानसभा सत्र के दौरान बीजेपी ने इस मुद्दे पर कई दिनों तक प्रदर्शन किया और सरकार पर नैतिक जिम्मेदारी तय करने का दबाव बनाया।

Karnataka politics: कर्नाटक में महर्षि वाल्मीकि अनुसूचित जनजाति विकास निगम से जुड़े कथित 89 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। लगातार विपक्ष के निशाने पर रहे योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र ने मंत्री पद से इस्तीफे की पेशकश की है। बीजेपी और जेडीएस लंबे समय से उनके इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

बीजेपी-जेडीएस लगातार बना रहे थे दबाव

वाल्मीकि निगम में कथित वित्तीय अनियमितताओं को लेकर विपक्ष ने कांग्रेस सरकार को लगातार घेरा। बीजेपी और जेडीएस का आरोप था कि मामले की जांच के बीच संबंधित विभाग के मंत्री का पद पर बने रहना उचित नहीं है।

विपक्ष ने मांग की थी कि बी. नागेंद्र इस मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल मंत्री पद से इस्तीफा दें।

विधानसभा सत्र में हुआ जोरदार विरोध

बी. नागेंद्र के इस्तीफे की मांग को लेकर बीजेपी ने विधानसभा सत्र के दौरान कई दिनों तक विरोध प्रदर्शन किया। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने फ्रीडम पार्क से मार्च निकालकर विधानसभा का घेराव करने की कोशिश भी की।

हालांकि, प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने के कारण पुलिस ने विपक्ष के नेता आर. अशोक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र समेत बीजेपी और जेडीएस के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को एहतियातन हिरासत में लिया था।

सदन में भी सरकार को घेरा

वाल्मीकि निगम के कथित घोटाले का मुद्दा विधानसभा के अंदर भी जोरदार तरीके से उठाया गया। विपक्ष ने सरकार पर हमला बोलते हुए बी. नागेंद्र को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।

बीजेपी का कहना था कि करीब 89 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच के दौरान मंत्री का पद पर बने रहना उचित नहीं है। इस मुद्दे पर सदन में कई बार हंगामा भी देखने को मिला।

लगातार दबाव के बीच नागेंद्र ने की इस्तीफे की पेशकश

बीजेपी के लगातार विरोध, विधानसभा में हंगामे और बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच बी. नागेंद्र ने अब मंत्री पद से इस्तीफा देने की पेशकश की है।

उनके इस कदम को कर्नाटक की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। विपक्ष लंबे समय से उनके इस्तीफे की मांग कर रहा था और अब नागेंद्र की ओर से इस्तीफे की पेशकश सामने आई है।

अभी इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ

हालांकि, बी. नागेंद्र की ओर से इस्तीफे की पेशकश किए जाने के बावजूद इसे स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इस्तीफा स्वीकार करने का अंतिम फैसला मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेतृत्व पर निर्भर करेगा।

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