INDIA Alliance Meeting में एकजुटता पर जोर, रोजगार और लोकतंत्र के मुद्दों पर सरकार को घेरने का फैसला, भाजपा ने कसा तंज

नई दिल्ली में हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों ने लोकतंत्र, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों के मुद्दों पर एकजुट होकर आवाज उठाने का फैसला किया। वहीं भाजपा ने गठबंधन की स्थिति पर सवाल खड़े किए।

INDIA Alliance Meeting: नई दिल्ली में सोमवार को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में विपक्षी दलों के नेताओं ने एकजुटता का संदेश दिया। नेताओं ने कहा कि गठबंधन देश में लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, बेरोजगारी, महंगाई और किसानों से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएगा। साथ ही भाजपा का राजनीतिक मुकाबला करने के लिए नई रणनीति तैयार करने पर भी चर्चा हुई। हालांकि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब गठबंधन के कुछ सहयोगी दलों के बीच मतभेद भी सामने आ चुके हैं। आम आदमी पार्टी और डीएमके इस बैठक में शामिल नहीं हुए। वहीं तृणमूल कांग्रेस ने बैठक में भाग लिया, जबकि पार्टी के भीतर राजनीतिक हलचल भी चर्चा का विषय बनी रही।

खड़गे ने बताई बैठक की प्रमुख बातें

कांग्रेस अध्यक्ष ने बताया कि बैठक में 25 राजनीतिक दलों ने हिस्सा लिया। बैठक के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि सभी दल पांच प्रमुख मुद्दों पर सहमत हुए हैं।
उन्होंने बताया कि मतदाता सूची में कथित गड़बड़ी, चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और एसआईआर जैसे मामलों को लेकर भारत के मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजा जाएगा। इसके अलावा शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई जाएगी। विपक्ष का आरोप है कि नीट और सीबीएसई परीक्षाओं से जुड़े मामलों में छात्रों का भरोसा प्रभावित हुआ है।

महंगाई, बेरोजगारी और किसानों के मुद्दे पर फोकस

खड़गे ने कहा कि इंडिया गठबंधन देश की आर्थिक स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और किसानों की समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग करेगा। उन्होंने यह भी बताया कि गठबंधन हर दो महीने में बैठक करेगा और संसद के मानसून सत्र के दौरान सभी विपक्षी दल मिलकर समन्वय बनाए रखेंगे। लोकसभा में विपक्ष के नेता के साथ हर सुबह विपक्षी दलों की बैठक भी होगी, ताकि संसद में साझा रणनीति के तहत मुद्दे उठाए जा सकें।

डीएमके और सीपीएम की नाराजगी भी चर्चा में

डीएमके के बैठक में शामिल न होने को लेकर राजनीतिक चर्चाएं तेज रहीं। पार्टी नेताओं ने कांग्रेस और तमिलनाडु की अन्य राजनीतिक ताकतों के बीच बढ़ती नजदीकियों को इसका कारण बताया। ने बैठक में हिस्सा तो लिया, लेकिन कांग्रेस के साथ अपने मतभेदों को भी खुलकर सामने रखा। पार्टी नेताओं का कहना है कि सहयोगी दलों के बीच आपसी विश्वास और स्पष्टता जरूरी है।

अखिलेश और तेजस्वी ने क्या कहा

अखिलेश यादव ने कहा कि विपक्षी दल लोकतंत्र, सामाजिक सद्भाव और भाईचारे को मजबूत करने के लिए साथ काम करेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि उत्तर प्रदेश के 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए भी रणनीति बनाई जा रही है।
वहीं तेजस्वी यादव ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि कुछ मुद्दों पर न्यायपालिका का ध्यान आकर्षित किया जाएगा।

भाजपा ने साधा निशाना

इंडिया गठबंधन की बैठक पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा नेताओं ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव में वोट नहीं, बल्कि विपक्षी दलों का राजनीतिक आधार कमजोर हुआ है। भाजपा का दावा है कि जनता का समर्थन अभी भी उसके साथ है।

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