Modi Cabinet Reshuffle: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में एक बार फिर बड़े कैबिनेट फेरबदल की चर्चा चल रही है। माना जा रहा है कि कई मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, जबकि कुछ को मंत्रिमंडल से बाहर भी किया जा सकता है। इससे पहले मोदी सरकार में सबसे बड़ा फेरबदल 7 जुलाई 2021 को दूसरे कार्यकाल के दौरान हुआ था।
उस समय 12 मंत्रियों ने पद छोड़ा था और 43 नए नेताओं ने राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के सामने मंत्री पद की शपथ ली थी। इस बदलाव के बाद प्रधानमंत्री समेत मंत्रिमंडल के सदस्यों की संख्या करीब 78 हो गई थी, जो संवैधानिक सीमा 81 से कुछ कम थी।
कई बड़े नेताओं की हुई थी विदाई
2021 के फेरबदल में कई बड़े और चर्चित नेताओं को मंत्रिमंडल से बाहर किया गया था। कोरोना की दूसरी लहर के बाद तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को हटाया गया। इसके अलावा रविशंकर प्रसाद, प्रकाश जावड़ेकर, रमेश पोखरियाल ‘निशंक’, सदानंद गौड़ा, संतोष गंगवार, थावरचंद गहलोत और बाबुल सुप्रियो जैसे नेताओं ने भी मंत्रिपद छोड़ा था।
नए चेहरों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
उस समय सरकार ने कई नए चेहरों को मौका दिया। असम के पूर्व मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, नारायण राणे और ज्योतिरादित्य सिंधिया को कैबिनेट मंत्री बनाया गया। वहीं अश्विनी वैष्णव, भूपेंद्र यादव, वीरेंद्र कुमार, आरसीपी सिंह और पशुपति कुमार पारस को भी मंत्रिमंडल में अहम जिम्मेदारी मिली। इसके साथ ही किरेन रिजिजू, हरदीप सिंह पुरी, मनसुख मांडविया, अनुराग ठाकुर, जी. किशन रेड्डी, आर.के. सिंह और पुरुषोत्तम रूपाला को पदोन्नति देकर कैबिनेट मंत्री बनाया गया। धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय और हरदीप सिंह पुरी को पेट्रोलियम मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई।
उत्तर प्रदेश पर था खास ध्यान
2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए बीजेपी ने यूपी से सात नेताओं को राज्य मंत्री बनाया था। इनमें पंकज चौधरी, अनुप्रिया पटेल, भानु प्रताप सिंह वर्मा, कौशल किशोर, एसपीएस बघेल, अजय कुमार और बीएल वर्मा शामिल थे। इससे साफ था कि सरकार ने चुनावी और सामाजिक संतुलन पर खास ध्यान दिया था।
इस बार किन मंत्रियों पर नजर
अब 2026 में मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के दौरान फिर बड़े फेरबदल की चर्चा है। माना जा रहा है कि मॉनसून सत्र से पहले या उसके आसपास मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है। चर्चा है कि सरकार प्रदर्शन, विवाद, क्षेत्रीय संतुलन और 2029 के चुनाव की तैयारी को ध्यान में रखकर फैसले ले सकती है।
सबसे ज्यादा चर्चा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को लेकर है। नीट पेपर लीक, सीबीएसई से जुड़े विवाद और शिक्षा क्षेत्र के अन्य मुद्दों के कारण उनके विभाग में बदलाव या मंत्रिमंडल से बाहर होने की अटकलें लगाई जा रही हैं। वहीं हरदीप सिंह पुरी को लेकर भी चर्चा है कि उनका विभाग बदला जा सकता है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का नाम भी अटकलों में शामिल है, हालांकि उनके बारे में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल सरकार की ओर से किसी भी संभावित फेरबदल की पुष्टि नहीं की गई है।






