Bengal Voting Drama:पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा इलाके में वोटिंग के दौरान एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई। यहां लोकतंत्र के इस बड़े त्योहार के बीच एक पति अपनी पत्नी का इंतजार कर रहा था, जो दो साल पहले उसे छोड़कर चली गई थी। यह मामला ताराबाड़ी के एक मतदान केंद्र का है, जहां अचानक माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घंटों इंतजार करता रहा पति
ताराबाड़ी प्राइमरी स्कूल के बूथ के बाहर एक व्यक्ति सुबह से ही खड़ा था। गर्मी और उमस के बावजूद वह वहीं डटा रहा। करीब पांच घंटे तक इंतजार करने के बाद, जैसे ही दोपहर के करीब 2 बजे एक महिला वोट डालने के लिए पहुंची, वह अचानक उस पर झपट पड़ा। उसने महिला के बाल पकड़ लिए और उसे जोर से पकड़ लिया, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई।
पहले से बनाई थी योजना
बताया जा रहा है कि उस व्यक्ति को पूरा भरोसा था कि उसकी पत्नी वोट डालने जरूर आएगी। इस बार चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के कारण लोगों में वोटर लिस्ट से नाम कटने को लेकर चिंता थी। पति ने सोचा कि अगर पत्नी को अपनी पहचान और सरकारी योजनाओं का लाभ चाहिए, तो वह बूथ पर जरूर आएगी। उसकी यही सोच सच साबित हुई।
सुरक्षाबलों ने संभाली स्थिति
जैसे ही यह घटना हुई, वहां तैनात केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवान तुरंत हरकत में आ गए। उन्होंने काफी मशक्कत के बाद महिला को छुड़ाया और आरोपी को पकड़ लिया। इस दौरान वह व्यक्ति लगातार चिल्ला रहा था और गुस्से में गालियां दे रहा था। सुरक्षाबलों ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर बूथ से दूर कर दिया, ताकि मतदान प्रक्रिया जारी रह सके।
अजीब मांग ने बढ़ाया विवाद
हिरासत में लेने के बाद उस व्यक्ति ने एक अजीब मांग रख दी। उसने कहा कि उसकी पत्नी को तब तक वोट न डालने दिया जाए, जब तक उसके वोटर कार्ड से पति के तौर पर उसका नाम हटाया नहीं जाता। उसका कहना था कि जब पत्नी उसे छोड़कर चली गई है, तो अब उसका नाम कागजों में क्यों जुड़ा रहे।
नियमों के अनुसार मिला मतदान अधिकार
चुनाव अधिकारियों ने साफ कहा कि किसी का नाम वोटर लिस्ट से हटाना एक लंबी प्रक्रिया है। सिर्फ पति के कहने पर किसी को वोट देने से नहीं रोका जा सकता। महिला के पास वैध पहचान पत्र था, इसलिए उसे वोट डालने का पूरा अधिकार दिया गया।
निजी विवाद बना चर्चा का विषय
यह घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का कहना है कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण मौके पर भी निजी झगड़े सामने आ रहे हैं। इससे साफ है कि कई बार लोग अपनी व्यक्तिगत लड़ाई को भी सार्वजनिक मंच पर ले आते हैं।

