Share Market Today: सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के खत्म होने की खबर के बाद निवेशकों का भरोसा बढ़ा और बाजार में जमकर खरीदारी हुई। इसी का असर यह रहा कि बाजार रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंच गया। कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स करीब 1,197 अंक की मजबूत बढ़त के साथ 76,725.27 के स्तर पर खुला। वहीं, निफ्टी भी लगभग 362 अंक चढ़कर 23,984.85 के स्तर पर पहुंच गया। बाजार में बैंकिंग, आईटी और ऑटो सेक्टर के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली।
अमेरिका-ईरान समझौते से बढ़ा भरोसा
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान युद्ध समाप्त करने पर सहमत हो गए हैं। दोनों देशों ने सभी प्रकार की सैन्य कार्रवाई तुरंत रोकने का फैसला किया है। जानकारी के मुताबिक, इस समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर 19 जून को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि अब दुनिया को आगे बढ़ना चाहिए और तेल की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रहनी चाहिए। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सकारात्मक माहौल बन गया।
एशियाई बाजारों में भी शानदार बढ़त
अमेरिका और ईरान के बीच शांति की दिशा में हुई प्रगति का असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया। सोमवार को अधिकांश एशियाई शेयर बाजार मजबूती के साथ खुले।
दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 7.01 प्रतिशत तक उछल गया, जबकि कोस्डैक में 3.25 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 3.4 प्रतिशत ऊपर रहा और टॉपिक्स इंडेक्स में 1.8 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली।
हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स भी मजबूती के साथ कारोबार करते दिखे। इससे साफ है कि निवेशक वैश्विक स्तर पर इस समझौते को सकारात्मक संकेत के रूप में देख रहे हैं।
वॉल स्ट्रीट में भी दिखा उत्साह
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की खबर का असर अमेरिकी शेयर बाजार पर भी पड़ा। वॉल स्ट्रीट में निवेशकों ने इस खबर का स्वागत किया और प्रमुख सूचकांकों के फ्यूचर्स में अच्छी बढ़त दर्ज की गई। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स करीब 342 अंक यानी 0.7 प्रतिशत चढ़ गए। वहीं, एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में 0.9 प्रतिशत और नैस्डैक 100 फ्यूचर्स में 1.4 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता तय समय पर पूरा हो जाता है, तो वैश्विक बाजारों में स्थिरता बढ़ सकती है और निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है। इसका फायदा भारतीय शेयर बाजार को भी आगे मिलने की संभावना है।
