Salary Rules: अगर आप नौकरी करते हैं तो यह खबर आपके लिए बेहद काम की है। केंद्र सरकार के नए लेबर कोड के तहत कर्मचारियों को सैलरी देने के नियम पहले से ज्यादा स्पष्ट किए गए हैं। कोड ऑन वेजेज के अनुसार, अगर किसी कर्मचारी को हर महीने वेतन मिलता है तो कंपनी को अगले महीने की 7 तारीख तक उसकी सैलरी का भुगतान करना होगा। इसका मकसद कर्मचारियों को समय पर वेतन दिलाना और कंपनियों की जिम्मेदारी तय करना है।
दो दिन में भुगतान
नए नियमों के मुताबिक, अगर कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है या कंपनी उसे नौकरी से निकाल देती है, तो उसका पूरा बकाया वेतन लंबे समय तक रोका नहीं जा सकेगा। ऐसी स्थिति में कंपनी को कर्मचारी के बकाया भुगतान का निपटारा दो कार्य दिवस के भीतर करना होगा। यानी नौकरी खत्म होने के बाद कर्मचारी को अपनी सैलरी और अन्य देय राशि के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
सभी कर्मचारियों को लाभ
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले वेतन भुगतान से जुड़े कुछ नियम एक निश्चित वेतन सीमा तक के कर्मचारियों पर ही लागू होते थे। नए कोड ऑन वेजेज के तहत इन प्रावधानों का दायरा बढ़ाया गया है। अब कम या ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों को भी समय पर वेतन मिलने का कानूनी अधिकार मिलेगा। इससे कर्मचारियों को सैलरी भुगतान में होने वाली देरी से राहत मिलने की उम्मीद है।
देरी पर शिकायत
अगर कोई कंपनी तय समय पर कर्मचारी की सैलरी का भुगतान नहीं करती है या उसकी अनुमति के बिना वेतन से रकम काट लेती है, तो कर्मचारी शिकायत दर्ज करा सकता है। ऐसे मामलों में कर्मचारियों को अपने अधिकारों के लिए संबंधित व्यवस्था के तहत शिकायत करने का अधिकार दिया गया है। नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों पर कार्रवाई भी की जा सकती है।
इंस्पेक्टर करेंगे जांच
नए सिस्टम के तहत सरकार इंस्पेक्टर-कम-फैसिलिटेटर नियुक्त करेगी। इन अधिकारियों की जिम्मेदारी कंपनियों को श्रम कानूनों का पालन सुनिश्चित कराने की होगी। वे कर्मचारियों की शिकायतों और वेतन भुगतान से जुड़े मामलों की जांच भी कर सकते हैं। इससे कंपनियों पर समय पर सैलरी देने और कर्मचारियों के कानूनी अधिकारों का पालन करने की जिम्मेदारी और बढ़ जाएगी।
