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Sahara Refund Portal: सहारा निवेशकों के लिए बड़ी राहत, फिर खुला अटके पैसे वापसी का रास्ता

सहारा समूह की सहकारी समितियों में पैसा फंसने वाले निवेशकों के लिए राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सहारा रिफंड पोर्टल को दोबारा चालू कर दिया है। पोर्टल के फिर से लाइव होने के बाद करीब 20 लाख लंबित दावों की स्क्रूटनी तेज होने की उम्मीद है। इससे पात्र निवेशकों को उनका अटका हुआ पैसा वापस मिलने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। सहकारिता मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अब तक करीब 42 लाख जमाकर्ताओं को कुल 9,267 करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं।

चार समितियां शामिल

सहारा रिफंड पोर्टल की शुरुआत जुलाई 2023 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद की गई थी। इसका मुख्य उद्देश्य सहारा समूह की सहकारी समितियों में जमा रकम रखने वाले वास्तविक और पात्र जमाकर्ताओं की पहचान करके उन्हें पैसा लौटाना है। रिफंड की रकम निवेशकों के आधार से जुड़े बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के जरिए भेजी जाती है। इस व्यवस्था के तहत सहारा क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी, सहारायन यूनिवर्सल मल्टीपर्पज सोसाइटी, हमारा इंडिया क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी और स्टार्स मल्टीपर्पज कोऑपरेटिव सोसाइटी के पात्र जमाकर्ताओं के दावों पर कार्रवाई की जा रही है।

क्यों रुकी रफ्तार

रिफंड की प्रक्रिया के बीच कई तकनीकी और प्रशासनिक परेशानियां सामने आई थीं। समितियों के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, सॉफ्टवेयर लाइसेंस और कंप्यूटर सिस्टम के रखरखाव से जुड़ी दिक्कतों के साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों की कमी भी बताई गई। इसके अलावा नवंबर 2025 में कुछ बाहरी विवादों के चलते समितियों के परिसरों को सील किए जाने से पुराने रिकॉर्ड का मिलान प्रभावित हुआ। सहकारिता मंत्रालय के हस्तक्षेप के बाद सीलिंग और सिस्टम से जुड़ी प्रशासनिक बाधाओं को दूर कराया गया, जिसके बाद पोर्टल को फिर से शुरू किया गया है।

जांच पूरी ऑनलाइन

निवेशकों के लिए राहत की बात यह है कि रिफंड के लिए उन्हें किसी सरकारी या समिति कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। आवेदन के बाद जमाकर्ता की जानकारी का सत्यापन किया जाता है। इसमें नाम, सदस्यता संख्या, जमा रसीद या प्रमाणपत्र और बैंक खाते की जानकारी समिति के मूल डेटाबेस से मिलाई जाती है। दस्तावेज और रिकॉर्ड सही पाए जाने पर पात्र राशि बिना किसी बिचौलिए के सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।

फर्जी एजेंटों से बचें

सरकार ने निवेशकों को फर्जी वेबसाइटों, दलालों और अनधिकृत एजेंटों से सावधान रहने की सलाह दी है। नया दावा केवल आधिकारिक CRCS-सहारा रिफंड पोर्टल के जरिए ही दर्ज करना चाहिए। अगर पहले किए गए आवेदन में तकनीकी कमी या डेटा मिसमैच की वजह से समस्या आई थी, तो उसे सुधारने के लिए री-सबमिशन पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। निवेशकों को किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग जानकारी या पैसे साझा करने से बचना चाहिए।

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