Stock Market Crash: शेयर बाजार में क्यों आई बड़ी गिरावट, किन वजहों से निवेशकों को लगा 4 लाख करोड़ का झटका

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज हुई। सेंसेक्स 715 अंक और निफ्टी 191 अंक टूटा। फार्मा-आईटी शेयरों में बिकवाली, बैंकिंग कमजोरी, अमेरिका-ईरान तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें प्रमुख कारण रहीं।

Stock Market Crash Reason: घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान जबरदस्त दबाव देखने को मिला। एशियाई बाजारों के ज्यादातर हिस्सों में तेजी का रुख रहने के बावजूद भारतीय बाजार पर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर साफ नजर आया। कारोबार खत्म होने पर सेंसेक्स 715 अंक टूटकर 76,755 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी में भी 191 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 24,000 के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे बंद हुआ। बाजार में आई इस गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी।

एक दिन में घट गई लाखों करोड़ की दौलत

बाजार में लगातार कमजोरी का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। 21 जुलाई को BSE पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹4,84,21,297.62 करोड़ था। 22 जुलाई को कारोबार खत्म होने के बाद यह घटकर लगभग ₹4,80,11,438.92 करोड़ रह गया। यानी एक कारोबारी दिन में निवेशकों की कुल संपत्ति में करीब ₹4,09,858.70 करोड़ की कमी आई। फार्मा कंपनियों पर अमेरिकी टैरिफ की चिंता, आईटी शेयरों में बिकवाली और मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में दबाव ने बाजार का माहौल कमजोर कर दिया।

फार्मा सेक्टर टूटा

गुरुवार के कारोबार में फार्मा सेक्टर सबसे ज्यादा दबाव में नजर आया। इसकी बड़ी वजह अमेरिका की संभावित नई टैरिफ नीति को माना जा रहा है। बाजार में ऐसी आशंका बनी कि अमेरिकी टैरिफ के दायरे में जेनेरिक दवाइयां भी आ सकती हैं। भारत की कई फार्मा कंपनियों के कारोबार में अमेरिकी बाजार की बड़ी भूमिका है। ऐसे में टैरिफ बढ़ने की आशंका से निवेशकों ने फार्मा शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी। इसका असर निफ्टी फार्मा इंडेक्स पर भी पड़ा और इसमें 1 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी देखने को मिली।

IT और Banking दोनों में बढ़ी बिकवाली

आईटी सेक्टर के शेयरों में भी निवेशकों की ओर से भारी बिकवाली देखने को मिली। वैश्विक बाजारों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में बढ़ती दिलचस्पी के बीच निवेशकों का फोकस बदलता नजर आया। इसका दबाव भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर पड़ा और निफ्टी आईटी इंडेक्स 1 फीसदी से ज्यादा गिर गया। दूसरी तरफ बैंकिंग शेयर भी बाजार को संभाल नहीं सके। निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स 2 फीसदी से अधिक टूटा, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में करीब 1.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

कमजोर हुआ निवेशकों का भरोसा

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई जारी रहने से दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के संकेत नहीं दिखे। ऐसे भू-राजनीतिक तनाव के बीच निवेशक आमतौर पर जोखिम वाली परिसंपत्तियों से दूरी बनाने लगते हैं। यही वजह रही कि भारतीय शेयर बाजार में भी बिकवाली का दबाव बढ़ा और सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद हुए।

कच्चे तेल की कीमतों में उछाल

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव का असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों पर भी देखने को मिला। वैश्विक बेंचमार्क क्रूड ऑयल की कीमत 93 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए चिंता बढ़ गई। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से देश का आयात बिल बढ़ सकता है और महंगाई पर भी दबाव बन सकता है। इसी आशंका के चलते निवेशकों का सेंटिमेंट कमजोर हुआ और शेयर बाजार में गिरावट और गहरा गई।

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