Samrat Chaudhary Floor Test: बिहार की राजनीति में शुक्रवार का दिन अहम रहा। राज्य के नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में अपना विश्वास मत पेश किया, जो आसानी से पास हो गया। यह प्रस्ताव ध्वनि मत से पारित हुआ, क्योंकि विपक्ष की ओर से वोटिंग की मांग नहीं की गई। इसी वजह से सरकार को बिना किसी अड़चन के बहुमत साबित करने का मौका मिल गया।
एनडीए के पास मजबूत संख्या
वैसे भी यह विश्वास मत सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया माना जा रहा था, क्योंकि राज्य में एनडीए गठबंधन पहले से ही मजबूत स्थिति में है। 243 सीटों वाली बिहार विधानसभा में एनडीए के पास कुल 201 विधायकों का समर्थन है, जो दो-तिहाई बहुमत से भी ज्यादा है। फिलहाल सदन में 242 सदस्य ही मौजूद हैं, क्योंकि बीजेपी के नेता नितिन नवीन ने राज्यसभा सांसद बनने के बाद अपनी विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया था।
कौन-कौन दे रहा समर्थन
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बीजेपी, जेडीयू, लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), हम और राष्ट्रीय लोक मोर्चा का समर्थन मिला हुआ है। इतनी बड़ी संख्या होने के कारण सरकार की स्थिति मजबूत मानी जा रही है और बहुमत साबित करना मुश्किल नहीं था।
सदन में हुई तीखी बहस
हालांकि विश्वास मत के दौरान सदन में माहौल पूरी तरह शांत नहीं रहा। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस देखने को मिली। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी आमने-सामने नजर आए। तेजस्वी यादव ने ‘इलेक्टेड सीएम’ और ‘सेलेक्टेड सीएम’ जैसे मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की।
तेजस्वी का हमला, सत्ता पक्ष का जवाब
तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव के दौरान बीजेपी ने नीतीश कुमार के नाम पर वोट मांगे, लेकिन अब उन्हें किनारे कर दिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए सम्राट चौधरी से कहा कि अपनी कुर्सी संभालकर रखें। इसके जवाब में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में ही आगे बढ़ेगी और इसमें कोई शक नहीं है।
नीतीश कुमार के फैसले की चर्चा
विजय चौधरी ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार ने सत्ता का जो हस्तांतरण किया है, वह एक अच्छा उदाहरण है। उन्होंने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया और कहा कि एनडीए सरकार पर जनता का भरोसा कायम है।
राजनीतिक बढ़त मिली सरकार को
विपक्ष ने आखिर में मत विभाजन की मांग नहीं की, जिससे सरकार को सीधा फायदा मिला। इस पूरे घटनाक्रम के बाद साफ हो गया कि बिहार में सम्राट चौधरी की सरकार पूरी तरह स्थिर है और उसे मजबूत समर्थन हासिल है।








