सम्राट चौधरी का राजनीतिक कद पिछले कुछ सालों में तेजी से बढ़ा है। मार्च 2023 में उन्हें बिहार बीजेपी का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया था। वे जुलाई 2024 तक इस पद पर रहे। इससे पहले वे 2021 से 2022 तक पंचायती राज मंत्री भी रह चुके हैं। वहीं अगस्त 2022 से अगस्त 2023 तक उन्होंने विधान परिषद में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी निभाई। अब CM की जिम्मेदारी निभाएंगे
लगातार बने डिप्टी सीएम
जनवरी 2024 में सम्राट चौधरी को बिहार का उप मुख्यमंत्री बनाया गया। उस समय नीतीश कुमार ने आरजेडी से गठबंधन तोड़कर एनडीए में वापसी की थी। इसके बाद बनी सरकार में उन्हें डिप्टी सीएम की जिम्मेदारी मिली। फिर 2025 के चुनाव के बाद वे दोबारा उप मुख्यमंत्री बने और साथ ही गृह मंत्री का पद भी संभाला। खास बात यह रही कि पहली बार गृह विभाग नीतीश कुमार ने खुद न रखकर किसी और को दिया।
चुनावों में मजबूत पकड़
सम्राट चौधरी ने साल 2000 में परबत्ता विधानसभा सीट से अपना पहला चुनाव जीता था। इसके बाद 2010 में भी वे इसी सीट से विजयी रहे। आगे चलकर उन्होंने 2020 और 2025 में तारापुर सीट से लगातार दो चुनाव जीते। 2025 के चुनाव में उन्होंने आरजेडी उम्मीदवार को बड़े अंतर से हराया था।
परिवार से मिली राजनीतिक ताकत
सम्राट चौधरी एक मजबूत राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता शकुनी चौधरी कई बार विधायक और सांसद रह चुके हैं। उनकी मां पार्वती देवी भी विधायक रही हैं। इसी वजह से उन्हें राजनीति की समझ बचपन से ही मिल गई थी। वे कुशवाहा समाज के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और कई समुदायों में उनकी अच्छी पकड़ है।
पहली बार मंत्री बनने पर विवाद
सम्राट चौधरी को 1999 में राबड़ी देवी की सरकार में कृषि मंत्री बनाया गया था। लेकिन उस समय उनकी उम्र को लेकर विवाद खड़ा हो गया था। इसी कारण कुछ महीनों बाद उन्हें पद से हटा दिया गया। हालांकि इस विवाद के बाद भी उन्होंने राजनीति में अपनी पकड़ बनाए रखी।
राजनीतिक सफर की झलक
उन्होंने 1990 में राजनीति में कदम रखा। 2014 में जेडीयू सरकार में शहरी विकास मंत्री बने। 2017 में बीजेपी में शामिल होकर प्रदेश उपाध्यक्ष बने। 2020 में एमएलसी बने और 2022 में विधान परिषद में विपक्ष के नेता बने। इसके बाद 2023 में प्रदेश अध्यक्ष और 2024 में डिप्टी सीएम बने।
भगवा पगड़ी से बनी पहचान
सम्राट चौधरी की पहचान उनकी भगवा पगड़ी से भी जुड़ी है। उन्होंने यह संकल्प लिया था कि जब तक बिहार में बीजेपी की सरकार नहीं बनेगी, वे पगड़ी पहनेंगे। तब से वे हमेशा इसी अंदाज में नजर आते हैं।
शिक्षा और निजी जीवन
सम्राट चौधरी ने मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। वे पेशे से वकील बताए जाते हैं। उनकी शादी ममता कुमारी से हुई है और उनके एक बेटा और एक बेटी है। हालांकि उनकी शैक्षणिक योग्यता को लेकर कुछ विवाद भी सामने आते रहे हैं।
संपत्ति और अन्य जानकारी
2025 के चुनाव में दिए गए हलफनामे के अनुसार, सम्राट चौधरी के पास करीब 11.3 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें चल और अचल दोनों संपत्ति शामिल हैं। उनकी सालाना आय करीब 17.9 लाख रुपये बताई गई है। उनके खिलाफ दो आपराधिक मामले भी दर्ज हैं।








