Ashwini Paul Death: महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में गुरुवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। राष्ट्रीय स्तर की महिला पहलवान अश्विनी मनोहर पॉल (30) ने अपने तीन छोटे बच्चों के साथ ऐतिहासिक नलदुर्ग किले के करीब 150 फीट ऊंचे ‘उपाली बुरुज’ से खाई में छलांग लगा दी। हादसे में अश्विनी और उनके साढ़े पांच साल के बेटे अजिंक्य की मौके पर ही मौत हो गई।
उनकी ढाई साल की जुड़वां बेटियां वीरा और क्रांति गंभीर रूप से घायल हुईं। इलाज के दौरान क्रांति ने भी दम तोड़ दिया।
घटना की वजह अब तक साफ नहीं
पुलिस के मुताबिक, घटना के पीछे की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। नलदुर्ग पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह आत्महत्या का मामला था या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
घटना की जानकारी मिलने के बाद किले के इंचार्ज नागनाथ गवली ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत और जांच की कार्रवाई शुरू की।
पति के कहने पर छोड़ी थी नौकरी
अश्विनी लातूर जिले के निलंगा तालुका के अंबुलगा की रहने वाली थीं। बताया जा रहा है कि वह मुंबई में महाराष्ट्र राज्य सुरक्षा निगम (MSF) में नौकरी करती थीं, लेकिन करीब चार-पांच महीने पहले पति के कहने पर नौकरी छोड़ दी थी। पिछले तीन महीनों से वह अपने तीनों बच्चों के साथ मायके में रह रही थीं।
उनके पति मनोहर ऑटो-रिक्शा चलाते हैं। अश्विनी ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, इस बारे में फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
राष्ट्रीय स्तर पर जीत चुकी थीं कई पदक
अश्विनी पॉल कुश्ती में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना चुकी थीं। उन्हें महाराष्ट्र की ‘टाइग्रेस’ के नाम से भी जाना जाता था। अपने खेल करियर में उन्होंने पांच स्वर्ण और छह रजत पदक जीते थे।
उनकी और बच्चों की मौत से महाराष्ट्र के खेल जगत में शोक की लहर है। वहीं, नलदुर्ग किले में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
