El Niño impacts: दुनिया के मौसम पर एक बार फिर El Niño का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है। 2026 में प्रशांत महासागर में El Niño सक्रिय हो चुका है और वैज्ञानिकों के मुताबिक आने वाले महीनों में इसकी ताकत और बढ़ सकती है। NOAA के अनुसार, 2026 के अंत और 2027 की शुरुआत में बहुत मजबूत El Niño बनने की 90 फीसदी से ज्यादा संभावना है। वहीं UK Met Office ने भी इसे रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचने वाला महत्वपूर्ण मौसमीय घटनाक्रम बताया है।
खतरा क्यों बढ़ा
El Niño तब बनता है जब भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से काफी ज्यादा गर्म हो जाता है। इसका असर सिर्फ प्रशांत महासागर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वायुमंडलीय परिसंचरण और दुनिया के कई हिस्सों में बारिश व तापमान के पैटर्न को प्रभावित कर सकता है। Met Office के मुताबिक मौजूदा El Niño 2026 के दौरान मजबूत होने की राह पर है और कुछ मॉडल इसे ऐतिहासिक रूप से सबसे शक्तिशाली घटनाओं में शामिल कर रहे हैं।
रिकॉर्ड गर्मी संभव
El Niño का असर वैश्विक तापमान पर भी दिखाई देता है। वैज्ञानिकों के अनुसार El Niño के चरम के बाद आने वाला साल अक्सर ज्यादा गर्म हो सकता है। इसी वजह से 2027 में वैश्विक तापमान का नया रिकॉर्ड बनने की संभावना जताई जा रही है। Met Office के हालिया आकलन में कहा गया है कि 2026 से 2030 के बीच किसी एक साल के 2024 के मौजूदा रिकॉर्ड को पार करने की 86 फीसदी संभावना है और El Niño के कारण 2027 विशेष रूप से रिकॉर्ड गर्मी वाला साल बन सकता है।
भारत पर असर
भारत के लिए El Niño की मजबूती चिंता का कारण है, क्योंकि इसका संबंध अक्सर कमजोर दक्षिण-पश्चिम मानसून से देखा गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर El Niño के दौरान भारत में सूखा ही पड़ेगा, लेकिन मजबूत El Niño मानसून के कमजोर रहने की संभावना बढ़ा सकता है। इसका सीधा असर खेती, जल संसाधनों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। खासकर अगर मानसून के दौरान बारिश का वितरण असमान रहा तो फसल उत्पादन प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम बदलेगा
मजबूत El Niño दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग प्रभाव डाल सकता है। कहीं अत्यधिक गर्मी और सूखे का खतरा बढ़ सकता है, तो कहीं बारिश के पैटर्न में बदलाव देखने को मिल सकता है। NOAA के अगस्त 2026 के आकलन के मुताबिक पूर्वी भूमध्यरेखीय प्रशांत क्षेत्र में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से 2°C से ज्यादा ऊपर पहुंच चुका है और El Niño लगातार मजबूत हो रहा है।
आगे क्या होगा
वैज्ञानिक अभी इस घटना की तीव्रता और इसके क्षेत्रीय प्रभावों पर लगातार नजर रख रहे हैं। NOAA के एक प्रयोगात्मक मॉडल के अनुसार El Niño अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 के बीच चरम पर पहुंच सकता है और इसकी ताकत ऐतिहासिक रूप से सबसे मजबूत घटनाओं को टक्कर दे सकती है। हालांकि, इतने लंबे समय के पूर्वानुमान में अनिश्चितता बनी रहती है। इसलिए 2027 में रिकॉर्ड गर्मी या भारत में कमजोर मानसून को अभी निश्चित परिणाम नहीं, बल्कि बढ़ी हुई संभावना के रूप में देखना चाहिए।
