NDA Meeting: प्रधानमंत्री बोले, 2014 का गरीब आज न्यू मिडिल क्लास बना, विकास की रफ्तार को मिली नई दिशा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनडीए बैठक में कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि देश अब पुरानी सोच और नीतियों से आगे बढ़ चुका है। उन्होंने न्यू मिडिल क्लास के विकास और जनता के भरोसे को सरकार की सबसे बड़ी ताकत बताया।

PM Modi In NDA Meeting: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित एनडीए की बैठक को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने सरकार के 12 वर्षों के कामकाज, देश के विकास और जनता के भरोसे पर विस्तार से बात की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके लिए देश की जनता ही सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने कहा कि जनता जनार्दन उनके लिए ईश्वर के समान है और लोगों की सेवा करना उनके जीवन का सबसे बड़ा सौभाग्य है।

न्यू मिडिल क्लास पर दिया खास जोर

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 में जो लोग गरीब वर्ग में थे, उनमें से बड़ी संख्या आज न्यू मिडिल क्लास का हिस्सा बन चुकी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस वर्ग को निराश नहीं होने देगी और उनके विकास के लिए लगातार काम करती रहेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल लोगों को गरीबी से बाहर निकालना नहीं है, बल्कि उन्हें बेहतर जीवन, बेहतर अवसर और आत्मनिर्भर भविष्य देना भी है।

जनता के भरोसे का किया जिक्र

पीएम मोदी ने कहा कि देश की जनता ने कठिन समय में उन पर विश्वास जताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के प्रति लोगों के मोहभंग के बाद जनता ने बदलाव की उम्मीद के साथ एनडीए को समर्थन दिया था।

उनके अनुसार, 2014 में देश में एक नई उम्मीद का जन्म हुआ और उसी भरोसे ने विकास की नई यात्रा की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि यह विश्वास आज भी सरकार की सबसे बड़ी ताकत है।

कांग्रेस पर साधा निशाना

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में कांग्रेस पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक देश को ऐसी नीतियों का सामना करना पड़ा, जिनके कारण विकास की गति धीमी रही।

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में लोगों के मन में यह धारणा बना दी गई थी कि भारत तेज गति से विकास नहीं कर सकता। पीएम मोदी ने कहा कि उस दौर में गरीबी, बेबसी और निराशा का माहौल था।

‘हिंदू ग्रोथ रेट’ पर उठाए सवाल

प्रधानमंत्री ने उस पुराने आर्थिक शब्द का भी उल्लेख किया, जिसे कभी “हिंदू ग्रोथ रेट” कहा जाता था। उन्होंने कहा कि विकास की धीमी रफ्तार के लिए देश की संस्कृति या समाज को जिम्मेदार ठहराना गलत था।

उनका कहना था कि यदि उस दौर की नीतियों और कामकाज को देखा जाए, तो उसकी जिम्मेदारी तत्कालीन सरकारों पर थी। उन्होंने कहा कि उस समय सही नीतियों, बेहतर प्रशासन और मजबूत फैसलों की कमी थी।

विकास की नई दिशा का दावा

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले वर्षों में देश ने कई क्षेत्रों में तेज प्रगति की है। उन्होंने दावा किया कि आज भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।

उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य हर वर्ग के लोगों तक विकास का लाभ पहुंचाना है और इसी दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में भारत और अधिक मजबूत तथा विकसित राष्ट्र के रूप में उभरेगा।

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