Yogi Adityanath का दो दिवसीय जापान दौरा खत्म हो गया है। दौरा पूरा करने के बाद वह आज सुबह करीब चार बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से वह सीधे अपने सरकारी आवास के लिए रवाना हो गए। उनके साथ 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत लौट आया है।
चार दिन का विदेश दौरा
मुख्यमंत्री सिंगापुर और जापान के चार दिन के विदेश दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने दो दिन सिंगापुर और दो दिन जापान में बिताए। इस यात्रा का मकसद उत्तर प्रदेश में विदेशी निवेश लाना, नई तकनीक को बढ़ावा देना और वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी मजबूत करना था। सरकार की तरफ से इस दौरे को काफी सफल बताया जा रहा है।
बड़े निवेश समझौते हुए
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कई बड़ी कंपनियों के अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए आमंत्रित किया। इस यात्रा में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के एमओयू साइन किए गए। इसके अलावा लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। सरकार का कहना है कि इन प्रस्तावों से राज्य में करीब पांच लाख लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।
ग्रीन हाइड्रोजन पर खास फोकस
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने ग्रीन ऊर्जा के क्षेत्र में बड़ी पहल की घोषणा भी की। University of Yamanashi, Yamanashi Hydrogen Company, IIT Kanpur, Harcourt Butler Technical University और IIT BHU के सहयोग से ग्रीन हाइड्रोजन सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की योजना घोषित की गई। इसका उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और भविष्य की जरूरतों के अनुसार तकनीकी विकास करना है।
भारतीय समुदाय को किया संबोधित
विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां रह रहे भारतीय मूल के लोगों से भी मुलाकात की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में सड़क, एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट और औद्योगिक ढांचे पर तेजी से काम हो रहा है। साथ ही कानून व्यवस्था में सुधार को भी उन्होंने प्रमुख उपलब्धि बताया।
दौरा क्यों माना जा रहा सफल
सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस यात्रा से उत्तर प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है। निवेश, तकनीक और रोजगार के अवसरों को लेकर यह दौरा अहम माना जा रहा है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि हुए समझौतों को जमीन पर कितनी जल्दी उतारा जाता है।


