New Delhi: 1 अप्रैल 2026 से देश में नया आयकर कानून लागू होने जा रहा है, जिसके तहत कई अहम बदलाव किए गए हैं। यह बदलाव Income Tax Act 2025 के तहत किए जा रहे हैं, जो करीब 60 साल पुराने कानून की जगह लेगा।
सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को आसान, पारदर्शी और आधुनिक बनाना है, ताकि आम टैक्सपेयर्स को फाइलिंग और नियमों को समझने में कम परेशानी हो।
नया कानून, आसान सिस्टम
1 अप्रैल से लागू होने वाला नया आयकर कानून पूरी टैक्स प्रणाली को सरल बनाने पर फोकस करता है। इसमें जटिल नियमों को कम किया गया है और भाषा को आसान बनाया गया है।
अब “Assessment Year” की जगह “Tax Year” जैसे नए कॉन्सेप्ट लागू किए जाएंगे, जिससे टैक्स फाइलिंग समझना आसान होगा।
टैक्स स्लैब में नहीं बदलाव
हालांकि बड़े बदलावों के बावजूद टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। मौजूदा दरें ही जारी रहेंगी।
नई टैक्स व्यवस्था के तहत मिडिल क्लास को राहत देने के लिए ₹12 लाख तक की आय पर टैक्स छूट (रिबेट के जरिए) जारी रहेगी।
फॉर्म और प्रोसेस में बदलाव
नए नियमों के तहत कई आयकर फॉर्म बदले जाएंगे।
Form 16 अब Form 130 हो जाएगा
कई TDS फॉर्म्स को एक में मर्ज किया जाएगा
इससे फाइलिंग प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और कम जटिल हो जाएगी।
शेयर बाजार और निवेश पर असर
1 अप्रैल से कुछ निवेश नियम भी बदलेंगे:
शेयर बायबैक पर अब कैपिटल गेन टैक्स लगेगा
F&O ट्रांजैक्शन पर STT बढ़ेगा
इसका असर निवेशकों और ट्रेडर्स पर पड़ेगा।
आईटीआर और डेडलाइन में बदलाव
ITR फाइल करने की अंतिम तारीख में बदलाव संभव है और कुछ पुराने वर्षों के लिए अपडेटेड रिटर्न फाइल करने की सुविधा सीमित की जा रही है।
टैक्सपेयर्स के लिए क्या जरूरी है?
नए नियमों के लागू होने के साथ ही टैक्सपेयर्स को नए फॉर्म, नियम और प्रक्रियाओं को समझना जरूरी होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, समय रहते जानकारी लेने से गलतियों और पेनल्टी से बचा जा सकता है।








