Bhagalpur encounter : भागलपुर के सुल्तानगंज में नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी हत्याकांड के मुख्य आरोपी के एनकाउंटर के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। इस घटना के बाद से ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है। हर पार्टी अपने-अपने तरीके से इस मामले को पेश कर रही है। इस पूरे मामले में जदयू पहले ही पुलिस की कार्रवाई का समर्थन कर चुकी है। पार्टी का कहना है कि यह कानून के राज का साफ उदाहरण है और अपराधियों के खिलाफ सख्ती जरूरी है। जदयू नेताओं का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से राज्य में अपराध पर लगाम लगेगी।
मांझी का बयान चर्चा में
अब केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने भी खुलकर भागलपुर पुलिस की कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। मांझी ने अपने बयान में कहा कि शक्तिशाली सेना के सामने बड़े-बड़े योद्धा भी हार मान चुके हैं, फिर कुछ नेताओं के लोगों की क्या हैसियत है।
मांझी ने आगे कहा कि यह नया बिहार है, जहां अपराधियों को कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने भागलपुर पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने सही काम किया है। उनके इस बयान को सरकार की सख्त नीति के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तेजस्वी पर सीधा निशाना
मांझी के बयान को सीधे तौर पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर हमला माना जा रहा है। इससे पहले भी दोनों नेताओं के बीच बयानबाजी हो चुकी है। दिल्ली में एक युवक की हत्या के मामले में मांझी के बयान पर तेजस्वी यादव ने नाराजगी जताई थी और माफी की मांग की थी।
इस एनकाउंटर को लेकर विपक्ष सवाल उठा सकता है। विपक्षी दल इसे लेकर पुलिस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर सकते हैं। उनका कहना हो सकता है कि इस तरह की कार्रवाई की पूरी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
राजनीतिक माहौल गर्म
फिलहाल यह मामला पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। सत्ता पक्ष इसे कानून व्यवस्था की मजबूती बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे मुद्दा बनाने की तैयारी में है। आने वाले दिनों में इस पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है।
मांझी के बयान से साफ है कि सरकार इस मुद्दे पर पीछे हटने के मूड में नहीं है। वह सख्त रुख दिखाकर जनता को संदेश देना चाहती है कि अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।







