Kanpur buffalo meat export:इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव का असर अब कारोबार और निर्यात पर भी साफ दिखने लगा है। कई तरह की निर्यात गतिविधियां धीमी पड़ गई हैं, लेकिन ऐसे मुश्किल समय में फूड इंडस्ट्री ने कारोबार को संभालने का काम किया है। कानपुर से बड़ी मात्रा में “बुफैलो मीट” यानी भैंस के मांस का निर्यात किया गया है।
शुक्रवार को पनकी स्थित कानपुर लॉजिस्टिक पार्क से 45 कंटेनरों वाली एक खास मालगाड़ी रवाना की गई। यह ट्रेन प्रसंस्कृत मांस लेकर मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट, यानी न्हावा शेवा बंदरगाह के लिए भेजी गई है। वहां से जहाजों के जरिए यह माल अलग-अलग देशों तक पहुंचाया जाएगा।
लंबे रास्ते से भेजा जाएगा सामान
युद्ध की वजह से होर्मुज जलमार्ग पर असर पड़ा है। इस रास्ते से खाड़ी देशों और यूरोप तक सामान पहुंचाने में दिक्कतें आ रही हैं। पहले ज्यादातर माल इसी रास्ते से जाता था, लेकिन अब निर्यातकों को दूसरे समुद्री रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ रहा है।
अब यह सामान लाल सागर वाले लंबे रूट से भेजा जाएगा। इससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं। हालांकि, विदेशों में खाने-पीने की चीजों की मांग तेजी से बढ़ी है। इसी वजह से कानपुर से एक साथ इतने बड़े स्तर पर मीट का निर्यात किया गया।
जानकारी के मुताबिक, हर कंटेनर में करीब 28 टन माल लादा गया है। कुल मिलाकर बड़ी मात्रा में प्रसंस्कृत मांस विदेश भेजा जा रहा है। औद्योगिक और लॉजिस्टिक सेक्टर के लिए भी यह बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इन देशों तक पहुंचेगा माल
मुंबई पहुंचने के बाद यह माल जहाजों के जरिए जेद्दाह, मर्सिन, अलेक्जेंड्रिया, जॉर्जिया और पोर्ट सईद जैसे शहरों में भेजा जाएगा। इस पूरे निर्यात का काम तुर्किए की शिपिंग कंपनी अर्कस लाइन और उसके भारतीय सहयोगी पारेख ग्रुप की मदद से किया जा रहा है।
पारेख ग्रुप के नॉर्थ इंडिया हेड रजत पाठक ने बताया कि युद्ध जैसे हालातों की वजह से यूरोप और खाड़ी देशों में खाद्य पदार्थों की मांग अचानक बढ़ गई है। इसी कारण बड़ी संख्या में कंटेनर भेजने का फैसला लिया गया।
पहली बार एक ही कंपनी के कंटेनर
कानपुर ब्रांच मैनेजर सर्वेश अवस्थी ने बताया कि आमतौर पर ट्रेनों में अलग-अलग कंपनियों के कंटेनर मिलाकर भेजे जाते हैं। लेकिन इस बार पूरी ट्रेन में सिर्फ अर्कस लाइन के कंटेनर लगाए गए। ट्रेन रवाना होने के दौरान अर्कस लाइन इंडिया के प्रमुख तुमय, वाइस प्रेसिडेंट जयेश, पारेख ग्रुप के अधिकारी रजत पाठक और प्रिस्टीन लॉजिस्टिक के मनोज कुमार व शादाब भी मौजूद रहे।








