Bollywood अभिनेता Shekhar Suman एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर चर्चा में हैं। अभिनय और होस्टिंग के साथ-साथ सामाजिक मुद्दों पर खुलकर राय रखने वाले शेखर सुमन ने इस बार भारत में बढ़ते अंग्रेजी चलन और हिंदी के प्रति लोगों के रवैये पर सवाल उठाए हैं।
हाल ही में आईएएनएस को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि हिंदी फिल्मों के कलाकार हिंदी सिनेमा के लिए अवॉर्ड लेने के बावजूद मंच पर अंग्रेजी में भाषण देते हैं, जो मानसिक गुलामी को दर्शाता है।
‘हॉलीवुड में कोई हिंदी में स्पीच नहीं देता’
शेखर सुमन ने कहा, “हिंदी फिल्मों के लिए अवॉर्ड मिल रहा है और अंग्रेजी में स्पीच दी जा रही है। क्या आपने कभी हॉलीवुड में किसी कलाकार को हिंदी में स्पीच देते देखा है?”
उन्होंने इसे “कॉलोनियल हैंगोवर” बताते हुए कहा कि अंग्रेज भले ही भारत छोड़कर चले गए हों, लेकिन अंग्रेजी की मानसिकता आज भी लोगों के भीतर मौजूद है। उनके मुताबिक आज लोग बिना किसी दबाव के खुद अंग्रेजी को श्रेष्ठ मानते हैं, जो चिंता का विषय है।
‘हम आज भी मानसिक रूप से गुलाम’
अभिनेता ने आगे कहा कि भारतीय समाज अब भी अंग्रेजी को स्टेटस सिंबल मानता है और जो लोग अंग्रेजी नहीं बोल पाते, उन्हें कमतर समझा जाता है।
उन्होंने कहा, “हम हिंदुस्तानी होने की बात करते हैं, लेकिन मानसिक रूप से आज भी अंग्रेजों के गुलाम हैं। अंग्रेजी न बोल पाने पर लोगों को शर्मिंदा किया जाता है, जो गलत है।”
‘राम को रामा क्यों बोलते हैं?’
शेखर सुमन ने भारतीय शब्दों के अंग्रेजीकरण पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि “राम को रामा, महाभारत को महाभारता और चक्र को चक्रास क्यों कहा जाता है?”
उनका मानना है कि भारतीय भाषाओं और संस्कृति को लेकर लोगों में आत्मविश्वास की कमी दिखाई देती है। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने उनके बयान का समर्थन करते हुए कहा कि मातृभाषा को सम्मान मिलना चाहिए और भाषा के आधार पर किसी का मूल्यांकन नहीं होना चाहिए।
बेटे अध्ययन के साथ नए शो में वापसी
इन दिनों शेखर सुमन अपने नए टॉक शो “शेखर टुनाइट” को लेकर भी चर्चा में हैं। यह शो उनके पुराने लोकप्रिय कार्यक्रम “मूवर्स एंड शेकर्स” का नया रूप माना जा रहा है। खास बात यह है कि इस शो का कॉन्सेप्ट उनके बेटे Adhyayan Suman ने तैयार किया है।









