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Ujjain भारत के सबसे पवित्र धार्मिक शहरों में गिना जाता है। पवित्र शिप्रा नदी के किनारे बसा यह शहर भगवान शिव के ज्योतिर्लिंग Mahakaleshwar Jyotirlinga के कारण पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। हर साल लाखों श्रद्धालु यहां बाबा महाकाल के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
लेकिन उज्जैन सिर्फ महाकाल मंदिर तक सीमित नहीं है। यहां कई ऐसे प्राचीन मंदिर और धार्मिक स्थल मौजूद हैं, जिनका इतिहास, आस्था और रहस्यवाद भक्तों को गहराई से आकर्षित करता है।
काल भैरव मंदिर में लगती है मदिरा का भोग
Kal Bhairav Temple उज्जैन के सबसे रहस्यमयी और प्रसिद्ध मंदिरों में शामिल है। मान्यता है कि यहां भगवान काल भैरव को मदिरा का भोग लगाया जाता है। भक्तों का विश्वास है कि बाबा के दर्शन से भय, संकट और नकारात्मक शक्तियों से मुक्ति मिलती है।
हर्षसिद्धि शक्तिपीठ की दिव्यता
Harsiddhi Temple भारत के 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है। नवरात्रि के दौरान यहां हजारों दीपकों से होने वाली महाआरती बेहद आकर्षक दृश्य प्रस्तुत करती है। मां हर्षसिद्धि को अन्नपूर्णा और महालक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है।
चिंतामणि गणेश मंदिर की विशेष मान्यता
Chintaman Ganesh Temple उज्जैन का प्राचीन गणेश मंदिर है। यहां विराजमान गणेश प्रतिमा स्वयंभू मानी जाती है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां दर्शन करने से जीवन की चिंताएं और बाधाएं दूर होती हैं।
मंगल दोष दूर करने के लिए प्रसिद्ध है मंगलनाथ मंदिर
Mangalnath Temple को मंगल ग्रह का जन्मस्थान माना जाता है। यहां विशेष रूप से मंगल दोष निवारण पूजा कराई जाती है। शिप्रा नदी के किनारे स्थित यह मंदिर आध्यात्मिक शांति का भी प्रमुख केंद्र है।
राम घाट और संदीपानी आश्रम का धार्मिक महत्व
Ram Ghat शिप्रा नदी का सबसे पवित्र घाट माना जाता है, जहां कुंभ मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं। वहीं Sandipani Ashram वह ऐतिहासिक स्थान है, जहां भगवान कृष्ण, बलराम और सुदामा ने शिक्षा ग्रहण की थी। यहां आज भी गहरा आध्यात्मिक वातावरण महसूस किया जा सकता है।


