ब्रिटेन में भारतीय मूल के 23 वर्षीय तुषार कुमार ने इतिहास रच दिया है। तुषार को आधिकारिक तौर पर एल्स्ट्री (Elstree) और बोरेहामवुड (Borehamwood) का मेयर नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही वह ब्रिटेन के सबसे युवा भारतवंशी मेयर बन गए हैं। उनकी नियुक्ति के बाद भारतीय समुदाय में खुशी की लहर है और सोशल मीडिया पर लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।
फेयरवे हॉल में हुई नियुक्ति की घोषणा
तुषार कुमार की नियुक्ति की घोषणा 13 मई को बोरेहामवुड स्थित फेयरवे हॉल में आयोजित ‘मेयर मेकिंग सेरेमनी’ के दौरान की गई। इस मौके पर स्थानीय प्रशासन, सामुदायिक संगठनों और कई गणमान्य लोगों की मौजूदगी रही।
तुषार इससे पहले डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं और कम उम्र में राजनीति व सामाजिक सेवा में सक्रिय भूमिका निभाने के कारण पहले से ही चर्चा में थे।
कॉलेज के दिनों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय
भारतवंशी तुषार कुमार ने King’s College London से पॉलिटिकल साइंस की पढ़ाई की है। कॉलेज के दिनों से ही वह सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने बोरेहामवुड में कई सामुदायिक कार्यक्रमों और सामाजिक अभियानों में हिस्सा लिया।
इसके अलावा उन्होंने ब्रिटेन के डिपार्टमेंट फॉर वर्क एंड पेंशंस में पॉलिसी एडवाइजर के रूप में भी काम किया है। उनकी कार्यशैली और युवाओं के बीच लोकप्रियता ने उन्हें कम उम्र में ही बड़ी पहचान दिलाई।
मेयर बनने पर क्या बोले तुषार कुमार
मेयर बनने के बाद तुषार कुमार ने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने कहा, “किंग्स कॉलेज लंदन में पढ़ाई से लेकर अपने पसंदीदा शहर का मेयर बनने तक का सफर किसी सपने जैसा है।”
उन्होंने निवर्तमान मेयर डैन ओजारो का भी आभार जताया और कहा कि डिप्टी मेयर रहते हुए उन्हें लगातार मार्गदर्शन मिला। तुषार ने कहा कि उनकी प्राथमिकता समुदाय के बीच सक्रिय रहना, स्थानीय चैरिटी संस्थाओं का समर्थन करना और युवाओं को सार्वजनिक सेवा के लिए प्रेरित करना होगा।
ब्रिटिश भारतीय बच्चों को सिखाते हैं हिंदी
राजनीति के साथ-साथ तुषार भारतीय संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने में भी सक्रिय हैं। वह ब्रिटिश भारतीय बच्चों को मुफ्त में हिंदी सिखाते हैं। इसके अलावा स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, होली और दिवाली जैसे भारतीय त्योहारों के आयोजन में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
तुषार का मानना है कि राजनीति केवल सत्ता पाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज की सेवा और सकारात्मक बदलाव लाने का जरिया है।

