Petrol Diesel Supply Update: केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। सरकार के मुताबिक, भारत में जरूरत से ज्यादा ईंधन उपलब्ध है और यह घरेलू मांग को पूरी तरह पूरा करने के लिए पर्याप्त है। ऐसे में लोगों को घबराने या किसी तरह की चिंता करने की जरूरत नहीं है। सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति घरेलू इस्तेमाल के लिए रियायती दर पर मिलने वाले ईंधन का उपयोग औद्योगिक या व्यावसायिक कामों में करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
भारत दुनिया का चौथा बड़ा रिफाइनिंग देश
तेल मंत्रालय के अनुसार, भारत तेल शोधन क्षमता के मामले में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा देश है। देश में इस समय कुल 22 रिफाइनरी काम कर रही हैं। ये रिफाइनरी हर साल लगभग 25.81 करोड़ टन कच्चे तेल का शोधन करती हैं।
सरकार का कहना है कि इतनी बड़ी क्षमता देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी है। यही वजह है कि घरेलू मांग पूरी होने के बाद भी अतिरिक्त तेल का निर्यात किया जाता है।
घरेलू खपत से ज्यादा है उत्पादन
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, इस समय देश में पेट्रोल और डीजल समेत अन्य ईंधन की कुल खपत लगभग 24.32 करोड़ टन है। जबकि देश की रिफाइनिंग क्षमता इससे ज्यादा है।
यानी भारत के पास जरूरत से अधिक ईंधन मौजूद है। सरकार का कहना है कि देश की तेल कंपनियां लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि कहीं भी सप्लाई में दिक्कत न हो।
तेल कंपनियां उठा रही हैं भारी नुकसान
केंद्र सरकार ने बताया कि सरकारी तेल कंपनियां फिलहाल पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए बड़ा आर्थिक बोझ उठा रही हैं। सरकार के अनुसार, सरकारी तेल कंपनियों को रोजाना करीब 550 करोड़ रुपये का नुकसान सहना पड़ रहा है। इसके बावजूद कंपनियां लोगों तक ईंधन की सप्लाई सामान्य बनाए रखने की कोशिश कर रही हैं।
कीमतों में बढ़ोतरी पर भी दिया संकेत
सरकार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों को देखते हुए समय-समय पर समीक्षा की जा रही है। इसी आधार पर देश में तेल की कीमतों में बदलाव किया जाता है। हालांकि सरकार ने भरोसा दिलाया है कि आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और देश में किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।
लोगों से की गई अपील
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल-डीजल की खरीद को लेकर अनावश्यक घबराहट न फैलाएं। साथ ही रियायती ईंधन का गलत इस्तेमाल न करने की भी चेतावनी दी गई है।
