उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों को पहाड़ों की ओर रुख करने पर मजबूर कर दिया है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों पर इन दिनों पर्यटकों और श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ देखी जा रही है।
इस अचानक बढ़ी भीड़ ने जहां पर्यटन कारोबार को नई रफ्तार दी है,
मनाली-रोहतांग में घंटों का जाम, सफर हुआ मुश्किल
हिमाचल प्रदेश के मनाली और रोहतांग पास में इन दिनों पर्यटकों का भारी जमावड़ा है। मई के अंत में भी बर्फीली वादियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं।स्थिति यह है कि मनाली-रोहतांग मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। जहां सामान्य दिनों में यह दूरी कुछ घंटों में तय हो जाती है,
पार्किंग की कमी बनी बड़ी समस्या
स्थानीय लोगों और पर्यटन कारोबारियों के अनुसार, मढ़ी से ग्रामफू तक के क्षेत्र में पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था नहीं है। इसी कारण पर्यटक मजबूरी में सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं, जिससे जाम और भी गंभीर हो जाता है।स्थानीय लोग मानते हैं कि यदि पार्किंग, शौचालय और बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जाए तो यातायात व्यवस्था में काफी सुधार हो सकता है।
नैनीताल में भी पर्यटन सीजन चरम पर
उत्तराखंड की प्रसिद्ध झील नगरी नैनीताल में भी पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। माल रोड, स्नो व्यू, चिड़ियाघर और केव गार्डन जैसे स्थानों पर दिनभर चहल-पहल बनी हुई है।नैनी झील में नौकायन के लिए लंबी कतारें लग रही हैं
चारधाम यात्रा से बढ़ा दबाव
चारधाम यात्रा के चरम पर पहुंचने के साथ ही चमोली जिले और जोशीमठ क्षेत्र में यातायात का दबाव काफी बढ़ गया है।
बद्रीनाथ, हेमकुंड साहिब, औली और आसपास के मार्गों पर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं। कई स्थानों पर 15 से 20 किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन रही है। वन-वे ट्रैफिक सिस्टम के बावजूद यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है।
बारिश-बर्फबारी के बावजूद जारी है यात्रा
ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ है। बद्रीनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर भी असर
अत्यधिक भीड़ के कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कई यात्रियों को सांस लेने में परेशानी, थकान और अन्य दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।यात्रियों को ऊंचाई वाले इलाकों में जाने से पहले कुछ समय निचले क्षेत्रों में रुककर शरीर को अनुकूल बनाना चाहिए।
प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौतियां
पर्यटकों और श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या ने ट्रैफिक प्रबंधन, पार्किंग, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर भारी दबाव डाल दिया है। इस तरह की भीड़ को देखते हुए स्थायी पार्किंग, बेहतर ट्रैफिक प्लानिंग और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम की जरूरत और अधिक बढ़ जाएगी।




