8th Pay Commission Update: आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद से ही देश भर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। सभी की नजरें आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई हैं। कर्मचारी संगठनों को उम्मीद है कि इस बार वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। वहीं, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को भी अपनी पेंशन में सुधार की उम्मीद है।
सुझाव देने की समय सीमा बढ़ी
वेतन आयोग ने कर्मचारी यूनियनों, पेंशनभोगी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों को अपनी मांगें और सुझाव भेजने के लिए अतिरिक्त समय दिया है। आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है। इससे विभिन्न संगठन अपनी मांगों को और बेहतर तरीके से आयोग के सामने रख सकेंगे।
पेंशनभोगियों की खास मांग
पेंशनभोगी संगठनों ने उम्र के आधार पर पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। उनका कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ चिकित्सा और जीवनयापन का खर्च भी बढ़ जाता है। इसी वजह से 65 वर्ष की आयु पूरी करने पर अधिक पेंशन और 90 वर्ष की उम्र में अंतिम वेतन के बराबर पेंशन देने की मांग की गई है। इस प्रस्ताव पर आयोग विचार कर सकता है।
न्यूनतम वेतन बढ़ने की उम्मीद
कई कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी है। जम्मू-कश्मीर कर्मचारी महासंघ ने न्यूनतम वेतन 55 हजार रुपये करने का सुझाव दिया है। वहीं, फिटमेंट फैक्टर 3.5 लागू होने की स्थिति में न्यूनतम सैलरी लगभग 63 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।
रेलवे कर्मचारियों ने रखा अलग प्रस्ताव
भारतीय रेलवे टेक्निकल सुपरवाइज़र्स एसोसिएशन ने वेतन वृद्धि का एक अलग फार्मूला आयोग के सामने रखा है। इस प्रस्ताव के अनुसार वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे कर्मचारियों के बीच नई उम्मीदें जगी हैं।
देशभर में हो रही बैठकें , आठवां वेतन आयोग देश के अलग-अलग राज्यों में बैठकों और परामर्श कार्यक्रमों का आयोजन कर रहा है। इन बैठकों में कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगियों और अन्य हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी कड़ी में जुलाई में कोलकाता में भी महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी।
कब लागू हो सकती हैं सिफारिशें?
माना जा रहा है कि आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करने के बाद सरकार को सौंपेगा। इसके बाद सिफारिशों को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। संभावना है कि नई वेतन और पेंशन व्यवस्था अप्रैल 2028 तक लागू हो सकती है। हालांकि इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है, जिससे कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिल सकता है।
सरकार पर बढ़ सकता है खर्च
यदि वेतन और पेंशन में बड़े स्तर पर बढ़ोतरी होती है, तो इसका असर सरकारी खजाने पर भी पड़ेगा। यही वजह है कि आयोग सभी पहलुओं का अध्ययन कर संतुलित सिफारिशें तैयार करने में जुटा हुआ है।








