पटना के चर्चित फायरिंग मामले में अदालत ने खान सर के दोनों सुरक्षा गार्डों को राहत देने से इनकार कर दिया है। सुनवाई के दौरान गार्डों की ओर से वकील ने दलील दी कि उन्होंने आत्मरक्षा में गोली चलाई थी, लेकिन अदालत इस तर्क से संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने कहा कि मामले में दोनों सुरक्षा गार्डों द्वारा फायरिंग किए जाने की बात सामने आई है। इसलिए इस स्तर पर उन्हें जमानत नहीं दी जा सकती। इसके बाद अदालत ने दोनों की बेल याचिका खारिज कर दी।
रौशन आनंद की याचिका पर सोमवार को सुनवाई
मामले के एक अन्य आरोपी रौशन आनंद ने भी जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में जमानत याचिका दाखिल की थी। बाद में यह मामला ट्रांसफर होकर एडीजे-33 की अदालत में पहुंच गया। सुनवाई के दौरान विरोधी पक्ष के वकील ने बहस करने के बजाय अतिरिक्त समय की मांग करते हुए टाइम पिटीशन दाखिल कर दिया। इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई सोमवार के लिए तय कर दी।
सुरक्षा गार्डों को नहीं मिली राहत
खान सर के दोनों सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका पर न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अनुराग वर्मा की अदालत में सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने कहा कि मामले में फायरिंग की घटना सामने आई है और आरोप गंभीर हैं। इसी आधार पर कोर्ट ने दोनों सुरक्षा गार्डों की जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत का मानना है कि जांच के इस चरण में उन्हें राहत देना उचित नहीं होगा।
खान सर को पहले मिल चुकी है राहत
इस मामले में नाम आने के बाद खान सर को पहले ही अदालत से राहत मिल चुकी है। पटना सिविल कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए “नो कोर्सिव एक्शन” का आदेश जारी किया था। इस आदेश का मतलब है कि अदालत की अगली सुनवाई या नए निर्देश तक उनके खिलाफ कोई सख्त या दबाव वाली कार्रवाई नहीं की जा सकती।
खान सर के वकील अरविंद कुमार का कहना है कि उनके मुवक्किल की इस घटना में कोई सीधी भूमिका नहीं है। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी और बाद में खान सर का नाम जोड़ा गया।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 2 जून का है, जब पटना के मुसल्लहपुर स्थित खान ग्लोबल स्टडीज संस्थान में हंगामा, पथराव और मारपीट की घटना हुई थी। इस दौरान फायरिंग का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। घटना के बाद कदमकुआं थाना पुलिस ने दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थीं। पहली एफआईआर में ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
वहीं दूसरी एफआईआर वायरल फायरिंग वीडियो के आधार पर दर्ज की गई थी। इसी मामले में पुलिस ने खान सर के दोनों सुरक्षा गार्डों को गिरफ्तार किया था।
मामले पर बनी हुई है नजर
फिलहाल अदालत के ताजा फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। सुरक्षा गार्डों की जमानत खारिज होने के बाद अब सभी की नजर रौशन आनंद की जमानत याचिका पर होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हुई है। वहीं पुलिस भी मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।


