Noida International Airport: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के तेजी से बढ़ते बुनियादी ढांचे को सोमवार को एक और बड़ी सफलता मिलने जा रही है। प्रदेश की बहुप्रतीक्षित परियोजना नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) से 15 जून यानी आज से को नियमित वाणिज्यिक उड़ान सेवाओं का औपचारिक शुभारंभ होगा। इस खास अवसर पर इंडिगो पहली एयरलाइन के रूप में अपनी सेवाएं शुरू करेगी।
पहली उड़ान का कार्यक्रम
जारी कार्यक्रम के अनुसार पहली उद्घाटन उड़ान संख्या 6E-2278 सुबह 7:05 बजे लखनऊ से रवाना होगी और 8:05 बजे नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचेगी। इसके बाद यही विमान सुबह 8:35 बजे नोएडा से बेंगलुरु के लिए उड़ान भरेगा और 11:05 बजे वहां पहुंचेगा।
वापसी उड़ान की जानकारी
वापसी में उड़ान संख्या 6E-2279 दोपहर 3:45 बजे बेंगलुरु से रवाना होगी और शाम 6:20 बजे नोएडा पहुंचेगी। इसके बाद विमान शाम 6:55 बजे नोएडा से लखनऊ के लिए उड़ान भरेगा और रात 8:00 बजे राजधानी पहुंचेगा। कार्यक्रम को खास बनाने के लिए जेवर के विधायक उन किसानों को भी लखनऊ लेकर जाएंगे, जिनकी जमीन इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी।
उड़ानों का पूरा शेड्यूल
लखनऊ से नोएडा — फ्लाइट 6E-2278 — प्रस्थान 7:05 AM — आगमन 8:05 AM
नोएडा से बेंगलुरु — फ्लाइट 6E-2278 — प्रस्थान 8:35 AM — आगमन 11:05 AM
बेंगलुरु से नोएडा — फ्लाइट 6E-2279 — प्रस्थान 3:45 PM — आगमन 6:20 PM
नोएडा से लखनऊ — फ्लाइट 6E-2279 — प्रस्थान 6:55 PM — आगमन 8:00 PM
नया एविएशन हब बनेगा जेवर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों के लिए एक महत्वपूर्ण एविएशन और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में विकसित किया गया है। इंडिगो ने भी घोषणा की है कि आने वाले समय में यह एयरपोर्ट देश के 16 से अधिक प्रमुख शहरों से जोड़ा जाएगा। इससे यात्रियों को बेहतर हवाई संपर्क मिलेगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
विकास का नया प्रतीक
जेवर एयरपोर्ट केवल एक हवाई अड्डा नहीं है, बल्कि यह उत्तर प्रदेश के बदलते आर्थिक और औद्योगिक माहौल की नई पहचान बन रहा है। एक्सप्रेसवे, मेट्रो, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर और बड़े औद्योगिक निवेशों के साथ यह परियोजना प्रदेश के विकास मॉडल की एक अहम कड़ी मानी जा रही है।
प्रदेश को मिलेगा बड़ा लाभ
विशेषज्ञों का मानना है कि जेवर एयरपोर्ट के शुरू होने से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, निवेश बढ़ेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख व्यापार, लॉजिस्टिक्स और एविएशन केंद्रों में शामिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।









