1 जुलाई से एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए कई अहम नियम लागू होने जा रहे हैं। इनमें पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शन वाले ग्राहकों के लिए नए प्रावधान, ई-केवाईसी की समयसीमा और गैस कनेक्शन से जुड़े बदलाव शामिल हैं। हालांकि, कुछ दावों को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए उपभोक्ताओं को केवल सरकारी निर्देशों पर ही भरोसा करना चाहिए।
PNG कनेक्शन वालों को 30 दिन के भीतर करना होगा फैसला
केंद्र सरकार के संशोधित एलपीजी नियमों के अनुसार, जिन उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन ले लिया है, उन्हें 30 दिनों के भीतर अपना घरेलू एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करना होगा या फिर भविष्य में गैर-पीएनजी क्षेत्र में दोबारा एलपीजी कनेक्शन लेने के लिए ट्रांसफर वाउचर का विकल्प चुनना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य एक ही घर में एलपीजी और पीएनजी दोनों घरेलू कनेक्शन रखने की स्थिति को समाप्त करना है।
ई-केवाईसी पूरा करना जरूरी
तेल कंपनियों ने एलपीजी उपभोक्ताओं से 30 जून तक ई-केवाईसी पूरा करने की अपील की है। जिन उपभोक्ताओं का सत्यापन लंबित है, उन्हें गैस बुकिंग, सब्सिडी या अन्य सेवाओं में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिन ग्राहकों की ई-केवाईसी पहले ही पूरी हो चुकी है, उन्हें दोबारा प्रक्रिया करने की आवश्यकता नहीं है।
बुकिंग अवधि में बदलाव पर अभी नहीं हुई पुष्टि
हाल के दिनों में शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन की न्यूनतम बुकिंग अवधि लागू की गई थी। कुछ रिपोर्टों में 1 जुलाई से इस अवधि में कटौती की संभावना जताई गई है, लेकिन इस संबंध में सरकार या तेल कंपनियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए उपभोक्ताओं को इस तरह की खबरों को अंतिम नियम मानकर नहीं चलना चाहिए।
उपभोक्ताओं को क्या करना चाहिए?
यदि आपके क्षेत्र में पीएनजी सुविधा उपलब्ध है और आपने अभी तक आवश्यक प्रक्रिया पूरी नहीं की है, तो समय रहते संबंधित गैस एजेंसी से संपर्क करें। साथ ही, यदि आपकी ई-केवाईसी लंबित है तो उसे जल्द पूरा कर लें, ताकि भविष्य में गैस बुकिंग या सब्सिडी से जुड़ी किसी भी असुविधा से बचा जा सके।




