Election Commission: दिल्ली के मतदाताओं के लिए मंगलवार से स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान की शुरुआत हो रही है। इस अभियान के तहत राजधानी की मतदाता सूची को अपडेट और त्रुटिरहित बनाने के लिए करीब 13 हजार बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। चुनाव आयोग ने सभी मतदाताओं से इस प्रक्रिया में सहयोग करने की अपील की है, ताकि भविष्य में मतदान के अधिकार से जुड़ी किसी तरह की परेशानी न हो।
घर-घर पहुंचेंगे BLO
मुख्य निर्वाचन अधिकारी अशोक कुमार के अनुसार, सत्यापन के लिए 13 हजार से अधिक BLO तैनात किए गए हैं। वे प्रत्येक घर पर जाकर मतदाताओं का विवरण जांचेंगे और आवश्यक जानकारी एकत्र करेंगे। यदि पहली बार घर बंद मिलता है, तो संबंधित BLO कुल तीन बार उस पते पर जाकर सत्यापन का प्रयास करेंगे।
मतदाताओं को क्या करना होगा?
सत्यापन के दौरान प्रत्येक मतदाता को एन्यूमरेशन फॉर्म की दो प्रतियां दी जाएंगी। मतदाताओं को अपनी सही जानकारी भरकर एक प्रति BLO को जमा करनी होगी, जबकि दूसरी प्रति अपने रिकॉर्ड के लिए सुरक्षित रखनी होगी। जो लोग चाहें, वे यह पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से भी पूरी कर सकते हैं।
अभियान की समय-सीमा
घर-घर सत्यापन अभियान 29 जुलाई तक चलेगा। इसके बाद 5 अगस्त को प्रारंभिक मतदाता सूची (ड्राफ्ट) प्रकाशित की जाएगी। यदि किसी मतदाता को सूची में नाम जोड़ना, हटाना या किसी प्रकार का संशोधन कराना होगा, तो वह 5 अगस्त से 4 सितंबर तक आवेदन कर सकेगा। सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 7 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी।
SIR अभियान क्यों है महत्वपूर्ण?
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन का उद्देश्य मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन और सटीक बनाना है। इस प्रक्रिया के माध्यम से नए पात्र मतदाताओं के नाम जोड़े जाएंगे, जबकि मृत, डुप्लीकेट, स्थानांतरित या अपात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। इससे चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने में मदद मिलेगी।
दिल्ली में कितने हैं पंजीकृत मतदाता?
वर्तमान में दिल्ली में लगभग 1.45 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं। इनमें 77 लाख से अधिक पुरुष, करीब 68 लाख महिला और एक हजार से अधिक थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं। राजधानी में कुल 13,033 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि BLO के सत्यापन के दौरान सही जानकारी उपलब्ध कराएं और समय पर फॉर्म जमा करें, ताकि मतदान के अधिकार को लेकर भविष्य में कोई समस्या न आए।









