शनिवार, सितम्बर 5, 2026
  • Login
News1India
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य ▼
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल
🔍
Home धर्म

Sanatan Dharma: पूजा के बाद दीपक कब तक जलना चाहिए? जानिए क्या है दीपक जलने का महत्व और सही नियम

पूजा में जलाया गया दीपक पूजा समाप्त होने तक जलना चाहिए और उसे स्वयं नहीं बुझाना चाहिए। घी का दीपक सात्विकता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है, जबकि सरसों के तेल का दीपक ग्रह दोषों की शांति और बाधाओं को दूर करने के लिए शुभ माना जाता है। दीपक बीच में बुझ जाए तो दोबारा जलाकर पूजा जारी रखी जा सकती है।

by Sadaf Farooqui
जुलाई 21, 2026
in धर्म
Share on FacebookShare on Twitter

Sanatan Dharma: हिंदू धर्म में पूजा के दौरान दीपक जलाना शुभ और आवश्यक माना जाता है। दीपक अंधकार को दूर कर प्रकाश, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि दीपक की लौ देवी-देवताओं के समक्ष अग्नि को साक्षी बनाती है और पूजा को पूर्णता प्रदान करती है।

पूजा के बाद दीपक कब तक जलने देना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के लिए जलाया गया दीपक कम से कम पूजा समाप्त होने तक अवश्य जलना चाहिए। यदि पूजा के बाद भी दीपक जल रहा हो, तो उसे स्वयं फूंक मारकर या हाथ से नहीं बुझाना चाहिए। दीपक को तब तक जलने दें, जब तक उसमें मौजूद घी या तेल स्वाभाविक रूप से समाप्त न हो जाए।

RELATED NEWS

Puja Rules: पूजा के दौरान दीपक से अगरबत्ती क्यों नहीं जलानी चाहिए अगरबत्ती  ? जानें धार्मिक मान्यता

Puja Rules: पूजा के दौरान दीपक से अगरबत्ती क्यों नहीं जलानी चाहिए अगरबत्ती ? जानें धार्मिक मान्यता

अगस्त 23, 2026

अगर दीपक बीच में बुझ जाए तो क्या करें?

यदि पूजा के दौरान हवा, तेल की कमी या बाती की वजह से दीपक बुझ जाए, तो इसे लेकर घबराने की आवश्यकता नहीं है। ऐसी स्थिति में भगवान से क्षमा प्रार्थना करें और दीपक को दोबारा जला दें। हालांकि, शुभ कार्यों के दौरान दीपक का बार-बार बुझना कई लोग अशुभ संकेत मानते हैं, लेकिन इसका कोई निश्चित धार्मिक निष्कर्ष नहीं माना जाता।

घी या तेल, किसका दीपक बेहतर माना जाता है?

शास्त्रों के अनुसार, गाय के घी का दीपक सबसे सात्विक माना जाता है। यह शुद्धता, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक वातावरण का प्रतीक है। वहीं सरसों के तेल का दीपक भी व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है और इसे ग्रह दोषों की शांति, नकारात्मक ऊर्जा दूर करने तथा मनोकामना पूर्ति के लिए शुभ माना जाता है।

मान्यता है कि घी का दीपक देवी-देवताओं के दाहिनी ओर और तेल का दीपक बाईं ओर रखना चाहिए।

Tags: DeepakGhee DeepakPuja Rules
Share197Tweet123Share49

Sadaf Farooqui

Related Posts

Puja Rules: पूजा के दौरान दीपक से अगरबत्ती क्यों नहीं जलानी चाहिए अगरबत्ती  ? जानें धार्मिक मान्यता

Puja Rules: पूजा के दौरान दीपक से अगरबत्ती क्यों नहीं जलानी चाहिए अगरबत्ती ? जानें धार्मिक मान्यता

by Sadaf Farooqui
अगस्त 23, 2026

Puja Rules: हिंदू धर्म में पूजा-पाठ के दौरान दीपक और अगरबत्ती जलाने की परंपरा बहुत पुरानी है। दीपक को ज्ञान,...

Next Post
UP Heavy Rain Red Alert

UP Weather Today : 22 जुलाई को उत्तर प्रदेश में मानसून रहेगा सक्रिय, पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

Tax News: देश की सबसे बड़ी टैक्सपेयर कंपनी कौन? आंकड़े देखकर आप भी चौंक जाएंगे

Tax News: देश की सबसे बड़ी टैक्सपेयर कंपनी कौन? आंकड़े देखकर आप भी चौंक जाएंगे

News1India

Copyright © 2025 New1India

Navigate Site

  • About us
  • Privacy Policy
  • Contact

Follow Us

No Result
View All Result
  • राष्ट्रीय
  • देश
  • विदेश
  • राज्य
    • उत्तर प्रदेश
    • दिल्ली
    • बिहार
    • हरियाणा
    • राजस्थान
    • छत्तीसगढ़
    • गुजरात
    • मध्य प्रदेश
    • पंजाब
  • क्राइम
  • बिजनेस
  • टेक्नोलॉजी
  • धर्म
  • मौसम
  • ऑटो
  • खेल

Copyright © 2025 New1India

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist