Jamna Auto Deal: भारतीय ऑटो कंपोनेंट इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनियों में शामिल जमना ऑटो इंडस्ट्रीज ने इंटरनेशनल मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने ब्रिटेन की ओवेन स्प्रिंग्स लिमिटेड के 100 फीसदी शेयर खरीदने का फैसला किया है। यह डील करीब 20 लाख पाउंड यानी लगभग 19.2 करोड़ रुपये में पूरी होगी और इसके लिए पूरी रकम नकद चुकाई जाएगी। इस अधिग्रहण के बाद जमना ऑटो को ब्रिटेन के साथ-साथ यूरोप के कुछ अन्य बाजारों में भी अपने कारोबार का विस्तार करने का मौका मिलेगा। कंपनी को उम्मीद है कि इस कदम से नए ग्राहकों तक पहुंच आसान होगी।
Lakshya RISE 5000 का हिस्सा
जमना ऑटो के मुताबिक, ओवेन स्प्रिंग्स को खरीदने की योजना कंपनी की लंबी अवधि की रणनीति ‘Lakshya – RISE 5000’ का हिस्सा है। इस रणनीति के तहत कंपनी भारत के बाहर अपने कारोबार को बढ़ाने और ग्लोबल मार्केट में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने पर जोर दे रही है। कंपनी का मानना है कि ब्रिटेन की इस कंपनी के जुड़ने से उसे नए बाजारों में प्रवेश करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा मौजूदा ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत करने, नए ऑर्डर हासिल करने और इंटरनेशनल बिजनेस को नई रफ्तार देने में भी यह डील अहम भूमिका निभा सकती है।
अगस्त तक पूरी होगी डील
रिपोर्ट के अनुसार, जमना ऑटो इंडस्ट्रीज के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने 24 जुलाई 2026 को हुई बैठक में इस अधिग्रहण को मंजूरी दी थी। कंपनी ओवेन स्प्रिंग्स लिमिटेड के सभी शेयर उसके मौजूदा मालिक ओएसएल ग्रुप होल्डिंग्स लिमिटेड से खरीदेगी। यह पूरी तरह कैश में होने वाली डील है। कंपनी के अनुसार, इस सौदे के लिए किसी सरकारी या नियामकीय मंजूरी की जरूरत नहीं है। मौजूदा योजना के मुताबिक, अधिग्रहण की प्रक्रिया 31 अगस्त 2026 तक पूरी होने की उम्मीद है।
ब्रिटेन में मिलेगा फायदा
इस अधिग्रहण से जमना ऑटो को ब्रिटेन के बाजार में सीधे अपनी मौजूदगी बढ़ाने का मौका मिलेगा। कंपनी ओवेन स्प्रिंग्स के मौजूदा ग्राहक आधार और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का इस्तेमाल करके अपने कारोबार को आगे बढ़ा सकती है। इसके साथ ही उत्पादन क्षमता बढ़ाने और नए ग्राहकों से जुड़ने में भी मदद मिल सकती है। विदेशी कंपनी का अधिग्रहण जमना ऑटो के लिए सिर्फ बाजार विस्तार का जरिया नहीं है, बल्कि इससे तकनीक, सप्लाई चेन और ग्लोबल ब्रांड पहचान को भी मजबूती मिलने की संभावना है। आने वाले समय में इसका असर कंपनी के कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन पर दिखाई दे सकता है।
ओवेन स्प्रिंग्स का कारोबार
ओवेन स्प्रिंग्स लिमिटेड इंग्लैंड और वेल्स में रजिस्टर्ड कंपनी है। यह लीफ स्प्रिंग्स, पैराबोलिक स्प्रिंग्स और दूसरे ऑटोमोटिव प्रोडक्ट्स का निर्माण और बिक्री करती है। इन उत्पादों का इस्तेमाल मुख्य रूप से ट्रकों, बसों और दूसरे कमर्शियल वाहनों में किया जाता है। जमना ऑटो भी इसी क्षेत्र में काम करती है, इसलिए दोनों कंपनियों के कारोबार में अच्छी समानता देखने को मिलती है। इस वजह से अधिग्रहण के बाद उत्पादन, सप्लाई और ग्राहक नेटवर्क को एक-दूसरे के साथ जोड़ने का फायदा कंपनी को मिल सकता है।
भारत की बड़ी ऑटो कंपनी
जमना ऑटो कमर्शियल वाहनों के लिए टेपर्ड लीफ और पैराबोलिक स्प्रिंग्स बनाने वाली भारत की प्रमुख कंपनियों में शामिल है। घरेलू बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब 62 से 65 फीसदी बताई जाती है और देशभर में इसके 10 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं। कंपनी की शुरुआत 1954 में भूपिंदर सिंह जौहर ने हरियाणा के यमुनानगर में एक छोटी सी दुकान से की थी। समय के साथ कारोबार बढ़ता गया और कंपनी कमर्शियल वाहनों के सस्पेंशन सिस्टम और ऑटो कंपोनेंट्स के क्षेत्र में बड़ी पहचान बनाने में सफल रही। Forbes की रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी की सालाना उत्पादन क्षमता करीब 3 लाख मीट्रिक टन है।
शेयर ने दिया शानदार रिटर्न
लंबे समय में जमना ऑटो के शेयर ने भी निवेशकों को मजबूत रिटर्न दिया है। बीएसई के आंकड़ों के मुताबिक, दिसंबर 2006 में कंपनी का शेयर करीब 54 पैसे पर था, जो अब लगभग 133 रुपये तक पहुंच चुका है। इस तरह लंबी अवधि में शेयर ने 51,000 फीसदी से अधिक का रिटर्न दिया है। वहीं, पिछले एक महीने में शेयर ने करीब 3.25 फीसदी, छह महीने में 16.49 फीसदी और एक साल में करीब 44 फीसदी का सकारात्मक रिटर्न दिया है। तीन साल में रिटर्न करीब 24 फीसदी और 10 साल में लगभग 282 फीसदी रहा है। अब ब्रिटेन की कंपनी के अधिग्रहण के बाद बाजार की नजर इस बात पर होगी कि जमना ऑटो इस डील का फायदा उठाकर अपने ग्लोबल कारोबार को कितनी तेजी से आगे बढ़ाती है।


